Last Updated on May 9, 2026 9:49 pm by INDIAN AWAAZ

AMN / CHENNAI
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर जारी पांच दिनों की राजनीतिक अनिश्चितता शनिवार को समाप्त हो गई, जब विदुथलाई चिरुथिगल काची (VCK) ने अभिनेता-राजनेता विजय की तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा कर दी। इसके साथ ही विजय के नेतृत्व में नई सरकार बनाने का रास्ता साफ हो गया है।
समर्थन की घोषणा के तुरंत बाद टीवीके प्रमुख विजय ने चेन्नई स्थित लोक भवन में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया।
विजय के नेतृत्व वाली नई मंत्रिपरिषद का शपथ ग्रहण समारोह रविवार सुबह 10 बजे चेन्नई में आयोजित होगा। राजभवन सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल ने नए मुख्यमंत्री को 13 मई तक तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत साबित करने का निर्देश दिया है।
चुनाव परिणाम आने के बाद यह चौथी बार था जब विजय ने राज्यपाल से मुलाकात की, लेकिन इस बार वह 234 सदस्यीय विधानसभा में स्पष्ट बहुमत के समर्थन के साथ पहुंचे।
राजनीतिक समीकरण उस समय पूरी तरह बदल गए जब वीसीके ने औपचारिक रूप से टीवीके को समर्थन देने का फैसला किया। इसके कुछ ही देर बाद डीएमके की पूर्व सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने भी विजय सरकार को समर्थन देने की घोषणा कर दी। विधानसभा में आईयूएमएल के दो विधायक हैं।
वीसीके और आईयूएमएल के समर्थन के बाद टीवीके गठबंधन का आंकड़ा 120 तक पहुंच गया, जो बहुमत के लिए आवश्यक 118 के आंकड़े से दो अधिक है।
इससे पहले टीवीके नेता अधव अरुजुना ने वीसीके के समर्थन की पुष्टि की थी। बाद में वीसीके विधायक दल के नेता वन्नी अरसु ने राज्यपाल को समर्थन पत्र भी सौंप दिया।
अरुजुना ने इस राजनीतिक घटनाक्रम को “जीत” करार देते हुए कांग्रेस, वाम दलों और वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन का आभार जताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विजय जल्द ही तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
वीसीके सूत्रों के अनुसार, पार्टी फिलहाल टीवीके सरकार को बाहर से समर्थन दे सकती है और सरकार में तुरंत शामिल होने की संभावना कम है।
सूत्रों का कहना है कि अंतिम फैसला लेने से पहले वीसीके ने कुछ शर्तों पर भी विचार किया था। इनमें पूर्व डीएमके सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखना और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को आगे बढ़ाना प्रमुख था।
पार्टी ने विशेष रूप से दो आयोगों को जारी रखने पर जोर दिया — पहला ऑनर किलिंग के खिलाफ कानून की सिफारिश करने के लिए गठित आयोग और दूसरा सरकारी कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण से जुड़े मुद्दों की समीक्षा करने वाला आयोग।
इन्हीं मुद्दों पर चर्चा के लिए वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने चेन्नई में डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन से उनके सीनोटाफ रोड स्थित आवास पर मुलाकात की थी।
सूत्रों के मुताबिक, स्टालिन इन प्रस्तावों के प्रति सकारात्मक थे, लेकिन उन्होंने वीसीके की भविष्य की राजनीतिक रणनीति और आगामी चुनावों में संभावित गठबंधन को लेकर सवाल भी उठाए।
इसी प्रस्ताव को बाद में एआईएडीएमके महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी के समक्ष भी रखा गया, लेकिन पार्टी सूत्रों के अनुसार उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उनका मानना था कि ऐसा कदम एआईएडीएमके के पारंपरिक वोट बैंक को नुकसान पहुंचा सकता है।
