Last Updated on February 16, 2026 5:33 pm by INDIAN AWAAZ

AMN / BIZ DESK
सोमवार, 16 फरवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने एक शानदार रिकवरी दिखाते हुए पिछले दो दिनों से जारी गिरावट के सिलसिले को तोड़ दिया। बैंकिंग और पावर सेक्टर के शेयरों में देर शाम आई जोरदार खरीदारी ने बाजार को हरे निशान में बंद होने में मदद की।
कारोबार के अंत में, निफ्टी 50 करीब 0.83% (211.65 अंक) की बढ़त के साथ 25,682.75 पर बंद हुआ। वहीं, सेंसेक्स ने भी 0.79% (650.39 अंक) की उछाल दर्ज की और 83,277.15 के स्तर पर क्लोजिंग दी।
सेक्टर-वार प्रदर्शन
| सेक्टर | स्थिति | मुख्य कारण |
| बैंकिंग और फाइनेंस | 🟢 तेजी | HDFC Bank (+2.66%) और Axis Bank ने शानदार प्रदर्शन किया। आरबीआई के नए नियम बैंकों के लिए अधिग्रहण फाइनेंसिंग को आसान बना रहे हैं। |
| पावर और एनर्जी | 🟢 तेजी | Power Grid निफ्टी का टॉप गेनर रहा (4.35% ऊपर)। NTPC और Coal India में भी अच्छी खरीदारी दिखी। |
| आईटी (IT) | 🔴 गिरावट | एआई (AI) के प्रभाव और वैश्विक अनिश्चितता के कारण Tech Mahindra, Wipro और Infosys में 1.5% से ज्यादा की गिरावट रही। |
| ब्रोकरेज शेयर्स | 🔴 गिरावट | BSE, Angel One और MCX के शेयर 10% तक टूटे। आरबीआई के सख्त मार्जिन और फंडिंग नियमों का असर दिखा। |
RBI के नए नियमों का असर: ब्रोकर बनाम बैंक
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा ‘कैपिटल मार्केट एक्सपोजर’ (CME) नियमों में संशोधन के बाद ब्रोकरेज कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट आई।
- नया नियम: 1 अप्रैल 2026 से बैंकों को ब्रोकर्स को कर्ज देने के लिए 100% कोलैटरल (जमानत) अनिवार्य होगा।
- प्रोपराइटरी ट्रेडिंग: बैंक अब ब्रोकर्स को उनके अपने खाते से ट्रेडिंग करने के लिए फंड नहीं दे पाएंगे।
- बैंकों को फायदा: जेएम फाइनेंशियल के अनुसार, नए नियम बैंकों को एमएंडए (M&A) फाइनेंसिंग में 75% तक हिस्सा लेने की अनुमति देते हैं, जो उनके लिए सकारात्मक है।
बीएसई पर कारोबार करने वाले कुल 4,343 शेयरों में से 1,663 शेयर बढ़त के साथ और 2,489 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। यह दर्शाता है कि तेजी चुनिंदा बड़े शेयरों तक ही सीमित थी। भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले मामूली गिरकर 90.65 के स्तर पर बंद हुआ।
