
Business Correspondent
अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक ऐतिहासिक शांति समझौते के बाद वैश्विक बाजारों में जोखिम लेने की क्षमता (risk appetite) बढ़ने से घरेलू शेयर बाजारों में सोमवार को जोरदार तेजी दर्ज की गई। पश्चिम एशिया में पिछले चार महीनों से जारी संघर्ष के खत्म होने की खबर से भू-राजनीतिक जोखिम कम हुआ है, जिससे संस्थागत निवेशकों ने चौतरफा लिवाली की।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई (BSE) सेंसेक्स 736.38 अंक या 0.97 प्रतिशत की छलांग लगाकर 76,264.33 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी 231 अंक या 0.98 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,853.90 के स्तर पर बंद हुआ।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से भारतीय अर्थव्यवस्था को राहत
सोमवार को बाजार में आए इस उछाल की मुख्य वजह वाशिंगटन और तेहरान द्वारा सैन्य अभियानों को तुरंत रोकने की घोषणा थी। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का 80% से अधिक आयात करता है, इसलिए इस तनाव में कमी आना भारतीय व्यापक अर्थव्यवस्था (macroeconomy) के लिए एक बड़ा सकारात्मक संकेत है।
बाजार विश्लेषकों का मानना है: “अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतों में स्थिरता या गिरावट से भारतीय कंपनियों के मार्जिन पर दबाव कम होगा। इससे आयातित मुद्रास्फीति (imported inflation) नियंत्रण में रहेगी और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को मौद्रिक नीति के मोर्चे पर राहत मिलेगी।”
सेक्टोरल हीटमैप: रियल्टी और कंजम्पशन शेयरों में भारी खरीदारी
बाजार में आज चौतरफा तेजी का माहौल रहा, जहां निवेशकों ने घरेलू खपत और आर्थिक सुधार से जुड़े सेक्टरों में जमकर पैसा लगाया।
- रियल्टी सेक्टर में बूम: निफ्टी रियल्टी इंडेक्स आज का स्टार परफॉर्मर रहा, जिसमें 4% से अधिक की तेजी आई। ब्याज दरों में स्थिरता की उम्मीद ने इस सेक्टर को बढ़ावा दिया।
- ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स चमके: निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी ऑटो इंडेक्स ने बाजार के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। घरेलू मांग मजबूत रहने की उम्मीद में ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों में भारी खरीदारी देखी गई।
- फार्मा सेक्टर पिछड़ा: रिस्क-ऑन (Risk-on) माहौल के चलते निवेशकों ने सुरक्षात्मक माने जाने वाले (defensive) सेक्टरों से पैसा निकालकर ग्रोथ सेक्टरों में लगाया। इसके कारण निफ्टी फार्मा इंडेक्स आज का सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा।
निफ्टी के टॉप गेनर्स (बढ़त वाले शेयर)
| शेयर | तेजी की वजह |
| ट्रेंट लिमिटेड (Trent) | मजबूत संस्थागत मांग और आक्रामक रिटेल विस्तार। |
| श्रीराम फाइनेंस | ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार और मजबूत क्रेडिट ग्रोथ की उम्मीद। |
| एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस | आगामी मासिक प्रीमियम आंकड़ों से पहले वैल्यू बाइंग। |
ब्रॉडर मार्केट में भी रही रौनक
तेजी का यह रुख केवल बड़े शेयरों (Large-caps) तक सीमित नहीं था। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी खुदरा और एचएनआई (HNI) निवेशकों का भरोसा साफ नजर आया।
- निफ्टी मिडकैप इंडेक्स: 🔼 1.29% की बढ़त
- निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स: 🔼 1.11% की तेजी
टेक्निकल आउटलुक: 24,000 के स्तर पर निफ्टी की नजर
बाजार का सेंटिमेंट भले ही बेहद सकारात्मक है, लेकिन तकनीकी विश्लेषक (Technical Analysts) मनोवैज्ञानिक स्तरों को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
मुंबई के एक डेरिवेटिव विश्लेषक ने कहा, “निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर एक बड़ा और तत्काल रेजिस्टेंस (अवरोध) क्षेत्र बना हुआ है, क्योंकि इस स्ट्राइक पर भारी कॉल राइटिंग देखी जा रही है। वहीं, नीचे की तरफ 23,800 का जोन अब तत्काल सपोर्ट (आधार) में बदल गया है। जब तक सूचकांक इस स्तर से ऊपर बना रहता है, तब तक तेजी का यह ढांचा सुरक्षित है।”
आगे की राह: दलाल स्ट्रीट के निवेशकों की नजर अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की चाल, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के रुख और वाशिंगटन-तेहरान के अगले कदमों पर टिकी रहेगी।
