Last Updated on February 8, 2023 4:30 pm by INDIAN AWAAZ

भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो दर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की है। अब यह छह दशमलव पांच प्रतिशत कर दी गई है। मई 2022 से रिजर्व बैंक ने रेपो दर को दो दशमलव पांच प्रतिशत बढ़ाया था। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्‍यक्षता में मौद्रिक नीति समि‍ति ने रेपो दर को चार दो के बहुमत से बढ़ा दिया।

अंतिम द्विमासिक मौद्रिक नीति की समीक्षा करते हुए श्री शक्तिकांत दास ने कहा कि स्‍थायी जमा सुविधा दर संशोधित करके छह दशमलव दो-पांच प्रतिशत कर दी गई है और मार्जिनल स्‍थायी सुविधा दर और बैंक दर संशोधित करके छह दशमलव सात-पांच प्रतिशत कर दी गई है। उन्‍होंने बताया कि रिजर्व बैंक विकास की सहायता के लिए मुद्रास्‍फीति को लक्ष्‍य के भीतर बनाए रखना सुनिश्चित कर रहा है। श्री दास ने कहा कि 2022-23 के लिए अनुमानित मुद्रा स्‍फीति छह दशमलव पांच प्रतिशत होगी। चौथी त्रैमासिकी के लिए यह पांच दशमलव सात प्रतिशत रहेगी। 2023-24 के लिए अनुमानित उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पांच दशमलव तीन प्रतिशत होगा।

रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कहा है कि 2023 के बजट में पूंजीगत व्‍यय और बुनियादी ढांचे पर अधिक बल दिया जाएगा। यह आगामी वर्ष में आर्थिक गतिविधि को मदद देगा। उन्‍होंने कहा कि भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था उतार-चढ़ाव के वैश्विक घटनाक्रम के बीच लचीली बनी हुई है, अनुमानित वास्तविक सकल घरेलू उत्‍पाद दर 2022-23 के लिए सात प्रतिशत होगी। यह राष्‍ट्रीय सांख्यिकी संगठन के पहले अग्रिम अनुमान के अनुरूप है।