Last Updated on June 9, 2026 10:34 pm by INDIAN AWAAZ

Staff Reporter

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार से छह दिवसीय आधिकारिक यूरोप दौरे पर रवाना होंगे, जिसके तहत वह फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा करेंगे। इस दौरे का केंद्र द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना, प्रौद्योगिकी सहयोग बढ़ाना और जी7 शिखर सम्मेलन में भागीदारी रहेगा।

दौरे के पहले चरण में प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के शहर Nice पहुंचेंगे, जहां रविवार को उनकी फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी। दोनों नेता भारत–फ्रांस संबंधों की व्यापक समीक्षा करेंगे, जिन्हें इस वर्ष विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी (Special Global Strategic Partnership) के स्तर तक विस्तारित किया गया है।

नीस में दोनों नेता संयुक्त रूप से ‘भारत इनोवेट्स’ (Bharat Innovates) कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम में भारत, फ्रांस और अन्य देशों के प्रमुख स्टार्टअप, वेंचर कैपिटल फंड और नवाचार क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि भाग लेंगे। भारत–फ्रांस नवाचार वर्ष के दौरान आयोजित यह आयोजन दोनों देशों के बीच तकनीक, निवेश और उद्यमिता सहयोग को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दौरे के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री मोदी 14 से 16 जून तक Slovakia की राजकीय यात्रा करेंगे। वर्ष 1993 में स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली यात्रा होगी। यह दौरा हाल के उच्चस्तरीय संपर्कों के बाद हो रहा है, जिनमें राष्ट्रपति Droupadi Murmu की पिछले वर्ष स्लोवाकिया यात्रा और स्लोवाक राष्ट्रपति Peter Pellegrini की इस वर्ष भारत यात्रा शामिल है।

स्लोवाकिया में प्रधानमंत्री मोदी अपने समकक्ष Robert Fico के साथ वार्ता करेंगे और दोनों देशों के बीच सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा करेंगे। इस दौरान उनकी राष्ट्रपति पेलेग्रिनी से भी मुलाकात प्रस्तावित है।

इसके बाद प्रधानमंत्री फ्रांस लौटेंगे और 16–17 जून को एवि‍यां में आयोजित G7 Summit में भाग लेंगे। इस सम्मेलन में जी7 देशों के नेताओं के साथ आमंत्रित देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।

दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी 18 जून को Paris जाएंगे, जहां वे द्विपक्षीय कार्यक्रमों के साथ यूरोप के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप आयोजनों में से एक वीवा टेक (VivaTech) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस दौरान उनके भारतीय समुदाय के लोगों को भी संबोधित करने की संभावना है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री का यह यूरोप दौरा फ्रांस और स्लोवाकिया के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा। साथ ही जी7 में भारत की भागीदारी वैश्विक दक्षिण की प्रमुख आवाज और वैश्विक चुनौतियों के समाधान में एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में भारत की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करेगी।