Last Updated on June 10, 2026 12:57 pm by INDIAN AWAAZ

Sudhir Kumar

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 जून 2026 को भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार पद पर रहने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में एक नया रिकॉर्ड दर्ज किया है। उन्होंने इस मामले में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के निर्वाचित कार्यकाल को पीछे छोड़ दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को पद की शपथ ली थी। वहीं पंडित जवाहरलाल नेहरू ने स्वतंत्र भारत के पहले आम चुनावों के बाद 13 मई 1952 को निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की थी और 27 मई 1964 तक पद पर बने रहे। नेहरू का निर्वाचित कार्यकाल कुल 4,398 दिनों का रहा, जबकि 10 जून 2026 तक प्रधानमंत्री मोदी का लगातार कार्यकाल 4,399 दिनों तक पहुँच गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह उपलब्धि ऐसे समय में दर्ज हुई है जब दुनिया के कई लोकतांत्रिक देशों में नेतृत्व परिवर्तन और राजनीतिक अस्थिरता देखने को मिली है। भारत में लगातार तीन आम चुनावों में बहुमत के साथ सरकार का गठन राजनीतिक निरंतरता और मतदाताओं के भरोसे का संकेत माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के दौरान केंद्र सरकार ने डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, बुनियादी ढाँचे के विस्तार, कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और आर्थिक सुधारों को प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में आगे बढ़ाया। सरकार का दावा है कि इस अवधि में करोड़ों लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए और सेवा वितरण तंत्र में तकनीक की भूमिका बढ़ी।

वहीं आलोचकों और कुछ विपक्षी दलों का कहना है कि आर्थिक विकास के साथ रोजगार, आय असमानता, संस्थागत स्वतंत्रता और सामाजिक समावेशन जैसे मुद्दों पर भी समान रूप से ध्यान देने की आवश्यकता बनी हुई है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत ने इस अवधि में वैश्विक मंचों पर अपनी उपस्थिति मजबूत की है और व्यापार, प्रौद्योगिकी, जलवायु कार्रवाई तथा ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दों पर अधिक सक्रिय भूमिका निभाई है।

इस उपलब्धि को भारतीय लोकतंत्र में नेतृत्व की निरंतरता के एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है, जबकि इतिहास दोनों प्रधानमंत्रियों—पंडित जवाहरलाल नेहरू और नरेंद्र मोदी—के योगदान का मूल्यांकन उनके-अपने समय और परिस्थितियों के संदर्भ में करता रहेगा।