Last Updated on January 22, 2026 6:48 pm by INDIAN AWAAZ
AMN/ WEB DESK
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण-एनआईए की विशेष अदालत ने पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के लिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और भर्ती करने में शामिल होने के आरोप में एक व्यक्ति को 10 वर्ष के कड़े कारावास की सज़ा सुनाई है।
कोलकाता में एनआईए की विशेष अदालत ने आज कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ ज़िले के सैयद एम इदरीस को सज़ा सुनाई। इदरीस को भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम की अलग-अलग धाराओं के अंतर्गत दोषी ठहराया गया था।
अदालत ने उस पर 70 हज़ार रुपये का जुर्माना भी लगाया। एनआईए ने अप्रैल 2020 में पश्चिम बंगाल पुलिस से यह मामला अपने हाथ में लेने के बाद इदरीस को जम्मू-कश्मीर के अल्ताफ अहमद राथर के साथ गिरफ्तार किया था।
जांच में पता चला कि इदरीस और राथर ने तानिया परवीन के साथ पश्चिम बंगाल में स्थानीय युवाओं को भर्ती करके लश्कर-ए-तैयबा मॉड्यूल बनाने का षडयंत्र रचा था। तानिया परवीन को मार्च 2020 में पश्चिम बंगाल पुलिस ने उत्तर 24 परगना ज़िले के बडुरिया में पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
तलाशी के दौरान जिहादी किताबों सहित आपत्तिजनक सामग्री ज़ब्त की गई थी। जांच में पता चला कि युवाओं को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के ज़रिए सरकार के खिलाफ जिहाद करने के लिए कट्टरपंथी बनाया जा रहा था।
