हमारे बिजनेस संवाददाता

सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली और मासिक डेरिवेटिव्स एक्सपायरी के कारण मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि दवा, उपभोक्ता टिकाऊ (कंज्यूमर ड्यूरेबल्स) और कई मिडकैप एवं स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी जारी रहने से व्यापक बाजार (ब्रॉडर मार्केट) ने बेहतर प्रदर्शन किया।

बीएसई सेंसेक्स 249.70 अंक यानी 0.33 प्रतिशत गिरकर 76,478.67 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी-50 80.50 अंक यानी 0.34 प्रतिशत टूटकर 23,865.75 पर आ गया और 23,900 के अहम स्तर से नीचे बंद हुआ। लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज करते हुए सेंसेक्स में कुल 0.80 प्रतिशत और निफ्टी में 0.79 प्रतिशत की कमजोरी आई।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार दिनभर उतार-चढ़ाव बना रहा, लेकिन अंतिम घंटे में बिकवाली का दबाव बढ़ गया। निवेशकों ने हालिया तेजी के बाद आईटी शेयरों में मुनाफावसूली की, जबकि मासिक एक्सपायरी ने अस्थिरता को और बढ़ा दिया।

आईटी शेयर बने सबसे बड़े दबाव

मंगलवार के कारोबार में आईटी कंपनियां बाजार पर सबसे बड़ा बोझ बनीं।

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का शेयर 3.09 प्रतिशत, इन्फोसिस 2.96 प्रतिशत और आईसीआईसीआई बैंक 0.55 प्रतिशत गिरा। इन तीनों शेयरों ने निफ्टी की गिरावट में प्रमुख योगदान दिया।

हालांकि प्रमुख सूचकांक दबाव में रहे, लेकिन व्यापक बाजार में निवेशकों की रुचि बनी रही। बीएसई मिडकैप इंडेक्स 0.45 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.51 प्रतिशत चढ़कर बंद हुए।

बाजार की चौड़ाई (मार्केट ब्रेड्थ) भी सकारात्मक रही। बीएसई पर 2,349 शेयरों में तेजी, 1,884 में गिरावट, जबकि 195 शेयर अपरिवर्तित रहे।

औद्योगिक उत्पादन में मजबूती

बाजार को घरेलू अर्थव्यवस्था से सकारात्मक संकेत भी मिले।

मई महीने में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) की वृद्धि दर बढ़कर 5.1 प्रतिशत रही, जो अप्रैल में 4.9 प्रतिशत थी।

विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र में 5.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि बिजली एवं गैस क्षेत्र में 9.9 प्रतिशत की सबसे तेज बढ़ोतरी हुई। इसके विपरीत खनन एवं उत्खनन क्षेत्र में 1.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

उपयोग आधारित श्रेणियों में पूंजीगत वस्तुओं (कैपिटल गुड्स) का उत्पादन लगभग 13 प्रतिशत बढ़ा, जो निवेश गतिविधियों में मजबूती का संकेत है। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं का उत्पादन 7.2 प्रतिशत, बुनियादी ढांचा एवं निर्माण सामग्री 5.9 प्रतिशत तथा इंटरमीडिएट गुड्स 5.8 प्रतिशत बढ़े।

विश्लेषकों का मानना है कि यह आंकड़े वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाते हैं।

बॉन्ड यील्ड घटी, रुपया मजबूत

सरकारी बॉन्ड बाजार में 10 वर्षीय सरकारी प्रतिभूति की यील्ड घटकर 6.707 प्रतिशत पर आ गई।

विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मामूली मजबूत रहा।

कमोडिटी बाजार में एमसीएक्स गोल्ड अगस्त वायदा 0.09 प्रतिशत बढ़कर 1,42,532 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि ब्रेंट क्रूड लगभग 73.25 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता रहा।

इस दौरान डॉलर इंडेक्स (डीएक्सवाई) बढ़कर 101.37 पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी 10 वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड घटकर 4.37 प्रतिशत रही।

वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेत

यूरोपीय शेयर बाजारों में तेजी रही क्योंकि निवेशक प्रमुख केंद्रीय बैंकों के अधिकारियों के भाषण और आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।

ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था जनवरी-मार्च तिमाही में 0.6 प्रतिशत की दर से बढ़ी, जो शुरुआती अनुमान के अनुरूप रही।

इस बीच, यूरोपीय आयोग ने 1 जुलाई से यूरोपीय संघ में शुल्क-मुक्त स्टील आयात कोटा औसतन 47 प्रतिशत घटाने की घोषणा की है।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। चीन में जून महीने का आधिकारिक मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई बढ़कर 50.3 पर पहुंच गया, जिससे यह संकेत मिला कि वहां का औद्योगिक क्षेत्र दोबारा विस्तार की स्थिति में लौट रहा है। सेवा क्षेत्र का पीएमआई भी मामूली बढ़कर 50.2 रहा।

उधर, सोमवार को अमेरिकी बाजार मजबूत बंद हुए थे। डॉव जोन्स पहली बार 52,000 अंक के ऊपर बंद हुआ, जबकि एसएंडपी 500 और नैस्डैक में भी उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई।

दिल्ली की नई ईवी नीति से ईचर मोटर्स पर दबाव

ईचर मोटर्स का शेयर 4.38 प्रतिशत टूटकर निफ्टी का सबसे बड़ा नुकसान उठाने वाला शेयर रहा।

यह गिरावट दिल्ली सरकार द्वारा दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2026-30 को मंजूरी देने के बाद आई। 1 जुलाई से लागू होने वाली इस नीति के तहत वर्ष 2027 से केवल इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा का पंजीकरण होगा, जबकि अप्रैल 2028 से नए पेट्रोल और सीएनजी दोपहिया वाहनों का पंजीकरण बंद करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए प्रोत्साहन और चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार की भी योजना है।

विश्लेषकों का मानना है कि रॉयल एनफील्ड के सीमित इलेक्ट्रिक वाहन पोर्टफोलियो को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ी है।

कॉर्पोरेट जगत की प्रमुख गतिविधियां

अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन का शेयर 1.91 प्रतिशत चढ़ा। कंपनी ने घोषणा की कि मेडिटेरेनियन शिपिंग कंपनी (एमएससी) अपनी सहयोगी टर्मिनल इन्वेस्टमेंट लिमिटेड (टीआईएल) के माध्यम से अडानी विजिंजम पोर्ट में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी।

शिल्पा मेडिकेयर 4.43 प्रतिशत उछला। इसकी सहायक कंपनी शिल्पा बायोलॉजिकल्स ने फिनलैंड की ओरियन कॉर्पोरेशन के साथ यूरोपीय बाजार के लिए बायोसिमिलर दवा विकसित करने का समझौता किया है।

गोदरेज प्रॉपर्टीज ने चेन्नई के ओल्ड महाबलीपुरम रोड पर 47 एकड़ भूमि खरीदी, जिससे उसका शेयर 2.02 प्रतिशत चढ़ा।

वारी एनर्जीज की अमेरिकी इकाई को 236.22 मेगावाट सौर मॉड्यूल की आपूर्ति का ऑर्डर मिला, जिससे शेयर 2.35 प्रतिशत बढ़ा।

कल्पतरु प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल को 2,957 करोड़ रुपये तथा केईसी इंटरनेशनल को 1,754 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले।

जैगसनपाल फार्मास्यूटिकल्स ने एक्विटास हेल्थकेयर में 85 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा की, जबकि गोदावरी बायोरिफाइनरीज ने कर्नाटक में नई ग्रेन आधारित डिस्टिलरी शुरू की।

बंधन बैंक के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) राजीव मंत्री ने इस्तीफा दिया, हालांकि बैंक का शेयर हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ।

आईपीओ पर निवेशकों की नजर

आस्था स्पिनटेक्स के आईपीओ को दूसरे दिन अच्छा निवेशक समर्थन मिला।

मंगलवार शाम तक यह इश्यू 1.48 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। 125 से 136 रुपये प्रति शेयर के प्राइस बैंड वाला यह आईपीओ 1 जुलाई को बंद होगा।

आगे की राह

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर पहली तिमाही के कॉर्पोरेट नतीजों, वैश्विक केंद्रीय बैंकों की नीतियों, अंतरराष्ट्रीय आर्थिक आंकड़ों और भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर रहेगी। मजबूत घरेलू आर्थिक संकेतकों के बावजूद बड़े शेयरों में मुनाफावसूली और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण निकट अवधि में बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।

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