Last Updated on September 2, 2026 6:57 pm by INDIAN AWAAZ

ढाका से जाकिर हुसैन की रिपोर्ट

बुधवार को ढाका में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश की संसद के स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद से मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने जन-से-जन संपर्कों (लोगों के बीच आपसी संबंधों) को केंद्र में रखते हुए द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया।

संसद भवन में हुई इस बैठक के दौरान स्पीकर हाफिज ने कहा कि भारत-बांग्लादेश के संबंध “विभिन्न उतार-चढ़ाव” से गुजरते हुए बदलते हालातों के साथ विकसित हुए हैं।

स्पीकर ने कहा, “दोनों देशों के नागरिकों के बीच का संबंध ही बांग्लादेश-भारत संबंधों की नींव होना चाहिए।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि आपसी सम्मान और एक-दूसरे की स्वतंत्रता व संप्रभुता की मान्यता के आधार पर संबंधों को आगे बढ़ाना चाहिए।

उच्चायुक्त त्रिवेदी ने कहा कि भारतीय सरकार बांग्लादेश के साथ एक “जन-केंद्रित रिश्ता” बनाने की इच्छुक है और दोनों देशों के नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए आपसी संपर्कों को और मजबूत करना चाहती है।

दोनों पक्षों ने इसके अलावा संसदीय प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान, रोहिंग्या संकट और उनकी वापसी (प्रत्यावर्तन), तथा खेल और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग पर भी चर्चा की।

त्रिवेदी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की ओर से हाफिज को भारत आने का आधिकारिक निमंत्रण भी दिया और दोनों देशों के सांसदों के बीच मेल-जोल बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया।

स्पीकर और डिप्टी स्पीकर कैसर कमाल के साथ अलग-अलग बैठकों के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए त्रिवेदी ने कहा कि भारत ने दोनों नेताओं को भारतीय संसद के दौरे के लिए “गर्मजोशी से आमंत्रित” किया है।

जब उनसे यह पूछा गया कि क्या बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के भारत दौरे के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं, तो त्रिवेदी ने कहा, “यह माननीय प्रधानमंत्री के विवेक पर निर्भर करता है। बांग्लादेश के माननीय प्रधानमंत्री बेहद समझदार व्यक्ति हैं। वह जन-हितैषी हैं। मुझे लगता है कि यह फैसला हमें माननीय प्रधानमंत्री पर ही छोड़ देना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा कि उन्हें इस बात में “कोई संदेह नहीं” है कि दोनों पक्षों की नीयत जन-कल्याणकारी है। उन्होंने कहा, “जब सोच लोगों के हित पर आधारित होती है, तो चीज़ें खुद-ब-खुद सही दिशा में आगे बढ़ती हैं।”