Last Updated on February 14, 2026 4:05 pm by INDIAN AWAAZ
मानपुर प्रखंड के पीछे स्थित 50 साल पुराने खेल मैदान पर निर्माण की तैयारी, खिलाड़ियों में आक्रोश
स्टाफ रिपोर्टर / गया / बिहार
गया जिले के लिए यह गर्व का विषय है कि यहां के युवा खिलाड़ी अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बना रहे हैं। यूएई की ओर से अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट खेल रहे सोहैब खान ने जिले का नाम रोशन किया है। लेकिन इसी बीच गया के मानपुर प्रखंड क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय युवाओं, खिलाड़ियों और आम नागरिकों को गहरी चिंता में डाल दिया है।

मानपुर प्रखंड कार्यालय के पीछे स्थित एक ऐतिहासिक खेल मैदान पर कथित रूप से वहां नए भवन निर्माण की तैयारी शुरू किए जाने से क्षेत्र में विवाद खड़ा हो गया है। इस मुद्दे को लेकर अबगीला क्षेत्र के खिलाड़ियों और नागरिकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग करते हुए मैदान को बचाने की अपील की है।
स्थानीय निवासियों द्वारा प्रशासन को सौंपे गए लिखित आवेदन के अनुसार यह मैदान पिछले 50 वर्षों से अधिक समय से क्षेत्र के युवाओं के लिए खेल प्रशिक्षण और फिटनेस गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। स्थानीय खिलाड़ियों का कहना है कि यह मैदान कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के विकास का आधार रहा है और यह अबगीला व आसपास के इलाकों के लिए एकमात्र बड़ा खुला मैदान है।
निवासियों के अनुसार यह मैदान केवल खेल गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक और सार्वजनिक दृष्टि से भी इसकी अहम भूमिका रही है। यहां समय-समय पर राजनीतिक जनसभाएं, सार्वजनिक आयोजन तथा युवाओं के नियमित खेल अभ्यास होते रहे हैं। लोगों ने इसे इलाके की “खुली सांस लेने की जगह” बताया है।
विवाद उस समय और बढ़ गया जब हाल ही में एक ठेकेदार द्वारा मैदान में रेत और निर्माण सामग्री डालना शुरू किया गया, जिससे यह संकेत मिला कि यहां प्रस्तावित नए प्रखंड कार्यालय भवन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो रही है। स्थानीय खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन पहले भी विभिन्न बहानों से इस मैदान को खत्म करने की कोशिश करता रहा है, लेकिन इस बार मैदान को स्थायी रूप से निर्माण स्थल में बदलने की तैयारी की जा रही है।

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर युवाओं में इसलिए भी ज्यादा आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह विडंबना है कि एक ओर जिले में क्रिकेट प्रतिभाओं को सराहा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन उसी तरह के मैदान को समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है, जहां से भविष्य के खिलाड़ी तैयार हो सकते हैं।
स्थानीय खिलाड़ियों और नागरिकों ने मांग की है कि प्रशासन नए भवन निर्माण के लिए वैकल्पिक स्थान चिन्हित करे और इस ऐतिहासिक खेल मैदान को सुरक्षित रखा जाए। उनका कहना है कि यदि यह मैदान समाप्त हो गया तो क्षेत्र के हजारों युवाओं के लिए खेल अभ्यास और शारीरिक विकास का कोई अवसर नहीं बचेगा तथा जिले की खेल प्रतिभा को गहरा नुकसान होगा।
