Last Updated on February 7, 2026 12:37 am by INDIAN AWAAZ

इंद्र वशिष्ठ, 

विवादित आईपीएस अफसर एवं दिल्ली के द्वारका जिले के पूर्व डीसीपी शंकर चौधरी के ख़िलाफ़ दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। शंकर चौधरी पर विदेशी नागरिक को गैर कानूनी तरीके से बंधक बनाकर 35 लाख रुपये वसूलने का आरोप है। 

29 नवंबर 2023 को दक्षिण पश्चिम जिले के पालम थाना इलाके से नाइजीरिया की एक महिला ने दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम पर फोन कर मिजोरम में तैनात आईपीएस शंकर चौधरी के अपराध की जानकारी दी थी। जिस पर दिल्ली पुलिस ने दो साल बाद अब जाकर एफआईआर दर्ज की है। 

महिला ने पीसीआर को फोन कर आरोप लगाया कि मिजोरम पुलिस उसके भाई हैरीसन को घर से उठा ले गई। पुलिस घर से 35 लाख रुपए भी ले गई। पुलिस अब बीस लाख रुपये और मांग रही है। महिला ने अवैध हिरासत और जबरन वसूली के इस मामले में शामिल आईपीएस शंकर चौधरी का नाम  बताया था। 

मिजोरम पुलिस में एसपी(नारकोटिक्स) के पद पर तैनात शंकर चौधरी अपनी छुट्टियां खत्म होने के बाद भी बिना अनुमति के दिल्ली में मौजूद थे। आईपीएस शंकर चौधरी ने दिल्ली पुलिस में मौजूद अपने कुछ खास पुलिसकर्मियों के साथ गैर कानूनी तरीके से हैरीसन के घर 26 नवंबर 2023 को छापा मारा। हैरीसन को अवैध रूप से वसंत विहार स्थित मिजोरम हाऊस में बंधक बनाकर रखा गया। हैरीसन को उसकी बहन द्वारा पीसीआर पर फोन करने के बाद छोड़ दिया गया।

22 जुलाई 2025 को गृह मंत्रालय के निर्देश पर दिल्ली पुलिस के दक्षिण रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त संजय कुमार जैन ने इस मामले की जांच की। संयुक्त पुलिस आयुक्त संजय जैन की शिकायत पर अब 5 फरवरी 2026 को इस मामले में दिल्ली पुलिस की विजिलेंस यूनिट ने आईपीएस शंकर चौधरी के ख़िलाफ़ आपराधिक मामला दर्ज किया है। आईपीएस शंकर चौधरी के ख़िलाफ़ जानबूझ कर नुकसान पहुंचाने के इरादे से किसी को गैरकानूनी तरीके से रोकने, बंधक बनाने और जब्त संपत्ति का गबन करने के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 166/341/342/409 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। 

जांच रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि शंकर चौधरी ने अपने पद का दुरुपयोग किया और प्रक्रियात्मक नियमों की धज्जियां उड़ाईं। उनके साथ इस गैर कानूनी मामले में शामिल दिल्ली पुलिस के तीन पुलिसकर्मियो के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई है। 

यह मामला 2023 में मिजोरम में दर्ज दो एनडीपीएस एक्ट के मामलों से जुड़ा है।