Last Updated on February 13, 2026 7:13 pm by INDIAN AWAAZ

BIZ DESK
वैश्विक बाजारों में मंदी और तकनीक (IT) क्षेत्र में भारी बिकवाली के चलते आज भारतीय शेयर बाजार धराशायी हो गए। सेंसेक्स 1,048 अंक की भारी गिरावट के साथ 82,626.76 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 में 336 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 25,471 के स्तर पर आ गया।
बाजार में इस गिरावट की मुख्य वजह वैश्विक तकनीकी शेयरों में बिकवाली और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से भारतीय IT कंपनियों को होने वाले संभावित नुकसान का डर रहा।
बाजार के मुख्य आंकड़े (एक नज़र में)
- सेंसेक्स: 82,626.76 (▼ 1,048 अंक)
- निफ्टी 50: 25,471 (▼ 336 अंक)
- मार्केट ब्रेथ: बेहद खराब; BSE पर 2,700 से अधिक शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।
- ब्रॉडर मार्केट: मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1% से ज्यादा की गिरावट।
सेक्टर-वार प्रदर्शन (Sector-wise Performance)
1. सूचना प्रौद्योगिकी (IT): गिरावट का केंद्र
IT सेक्टर आज सबसे ज्यादा दबाव में रहा। निफ्टी IT इंडेक्स में 1.44% की गिरावट आई। यह गुरुवार की 4.72% की गिरावट के बाद लगातार दूसरा बड़ा झटका है।
- प्रमुख गिरावट वाले शेयर: TCS, इंफोसिस, विप्रो और कोफोर्ज (Coforge)।
- वजह: विश्लेषकों का मानना है कि AI के आने से भारतीय IT कंपनियों के पारंपरिक ‘लेबर आर्बिट्रेज’ मॉडल पर खतरा बढ़ गया है, जिससे नैस्डैक (Nasdaq) की तुलना में भारतीय फर्मों पर प्रतिस्पर्धी दबाव बढ़ सकता है।
2. बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं (BFSI)
बैंकिंग सेक्टर में मिला-जुला असर रहा, लेकिन भारी बिकवाली ने इसे भी लाल निशान में धकेल दिया।
- लगातार गिरने वाले: HDFC बैंक और HCL टेक।
- बढ़त वाले: सेंसेक्स के केवल दो शेयरों में तेजी रही— बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) और भारतीय स्टेट बैंक (SBI)।
3. FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स
महंगे वैल्यूएशन और कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण उपभोक्ता केंद्रित शेयरों में गिरावट रही।
- प्रमुख गिरावट वाले शेयर: हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL), टाइटन और एशियन पेंट्स।
4. ऊर्जा, धातु और इंफ्रास्ट्रक्चर
मजबूत अमेरिकी जॉब डेटा के कारण ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम होने से कमोडिटी शेयरों पर असर पड़ा।
- प्रमुख गिरावट वाले शेयर: रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL), टाटा स्टील, अदाणी पोर्ट्स, पावरग्रिड और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL)।
- ऑटो सेक्टर: महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) में भी आज बिकवाली देखी गई।
विशेषज्ञों की राय
“घरेलू बाजार भारी अस्थिरता के बाद निचले स्तर पर बंद हुए। अमेरिका-भारत व्यापार समझौते से मिलने वाला उत्साह अब फीका पड़ गया है क्योंकि AI से होने वाले व्यवधानों के डर ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को कम कर दिया है। बाजार चिंतित है कि भारतीय IT कंपनियां अमेरिकी प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में अधिक दबाव का सामना कर सकती हैं।”
— विनोद नायर, हेड ऑफ रिसर्च, जियोजित इन्वेस्टमेंट लिमिटेड
वैश्विक प्रभाव
अमेरिकी शेयर बाजार (Nasdaq) में 2% की गिरावट और वहां के मजबूत रोजगार आंकड़ों ने दुनिया भर के तकनीकी शेयरों में चिंता बढ़ा दी है। निवेशकों को अब अमेरिका के आगामी मुद्रास्फीति (Inflation) आंकड़ों का इंतजार है, जिसके कारण बाजार में “वेट एंड वॉच” (रुको और देखो) की स्थिति बनी हुई है।
