Last Updated on September 18, 2025 11:02 pm by INDIAN AWAAZ

इंद्र वशिष्ठ / नई दिल्ली

— केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अनिल अंबानी की कंपनियों आरसीएफएल (Reliance Commercial Finance Ltd), आरएचएफएल (Reliance Home Finance Ltd) और यस बैंक के तत्कालीन एमडी एवं सीईओ राणा कपूर, उनकी पत्नी बिंदु कपूर और बेटियों राधा व रोशनी कपूर के स्वामित्व वाली कंपनियों के ख़िलाफ़ धोखाधड़ी और साज़िश से जुड़े दो मामलों में गुरुवार को आरोपपत्र दाख़िल किया है।

सीबीआई के अनुसार, जांच में सामने आया कि अनिल अंबानी और राणा कपूर ने मिलकर एक साज़िश रची। इसके तहत, राणा कपूर ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए यस बैंक का सार्वजनिक धन लगभग 5010 करोड़ रुपये एडीए ग्रुप की वित्तीय रूप से संकटग्रस्त कंपनियों में निवेश कराया। इसके बदले में अनिल अंबानी ने राणा कपूर की घाटे में चल रही पारिवारिक कंपनियों में निवेश और रियायती ऋण की सुविधा दी।

सीबीआई ने बताया कि इस ग़ैरक़ानूनी लेन-देन से यस बैंक को लगभग 2796.77 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जबकि एडीए ग्रुप और कपूर परिवार की कंपनियों को अवैध लाभ मिला।

वर्ष 2017 में राणा कपूर की स्वीकृति पर यस बैंक ने आरसीएफएल के गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर व वाणिज्यिक ऋणों में करीब 2045 करोड़ रुपये और आरएचएफएल में लगभग 2965 करोड़ रुपये का निवेश किया था। उस समय CARE Ratings ने एडीए समूह की कंपनियों को “निगरानी सूची” में रखा था। सीबीआई का कहना है कि बाद में इन फंड्स का ग़लत इस्तेमाल कर गबन किया गया।

शामिल कंपनियां और निवेश

जांच में पाया गया कि षड्यंत्र में अनिल अंबानी, राणा कपूर, बिंदु कपूर, राधा कपूर, रोशनी कपूर के अलावा कई कंपनियाँ शामिल थीं—जिनमें आरसीएफएल, आरएचएफएल (अब ऑथम इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड), आरएबी एंटरप्राइजेज, इमेजिन एस्टेट, ब्लिस हाउस, इमेजिन हैबिटेट, इमेजिन रेजिडेंस और मॉर्गन क्रेडिट्स प्राइवेट लिमिटेड प्रमुख हैं।

सीबीआई ने यह भी बताया कि अनिल अंबानी के निर्देश पर रिलायंस निप्पॉन म्यूचुअल फंड्स ने 2017-18 में मॉर्गन क्रेडिट्स प्रा. लि. के डिबेंचरों में 1160 करोड़ रुपये का निवेश किया। इसके अलावा यस बैंक से 249.80 करोड़ रुपये मूल्य के एडीए ग्रुप डिबेंचर खरीदे गए और 1750 करोड़ रुपये बैंक के उच्च जोखिम वाले एटी1 बॉन्ड्स में लगाए गए।

मामला दर्ज

यह पूरा मामला वर्ष 2022 में सामने आया, जब यस बैंक के मुख्य सतर्कता अधिकारी की शिकायत पर सीबीआई ने राणा कपूर और एडीए ग्रुप की कंपनियों के ख़िलाफ़ दो आपराधिक मामले दर्ज किए।

सीबीआई ने कहा है कि आरोपपत्र में सभी संबंधित व्यक्तियों और कंपनियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं।