Last Updated on October 16, 2026 11:38 pm by INDIAN AWAAZ

SUDHIR KUMAR

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि पंजाब आज नशे, गैंगस्टरवाद और संगठित अपराध के बढ़ते खतरे से जूझ रहा है। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पंजाब सरकार के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर राज्य की जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन निभाएगा।

दिरबा और मानसा की घटनाओं पर उठाए सवाल

अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि दिरबा में एक पिता के दबाव में जहर खा लेने और मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े हत्या ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

परविंदर के पिता के आरोपों का किया जिक्र

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि परविंदर सिंह झोटा के पिता ने पंजाब सरकार और राज्य के एक विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय इन दोनों घटनाओं को लेकर पंजाब सरकार से जवाब मांगेगा।

नशे के नेटवर्क और राजनीतिक संरक्षण की जांच की मांग

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पंजाब में नशे का कारोबार फल-फूल रहा है और संगठित अपराध का खतरा बढ़ रहा है। नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को पंजाब की जनता को प्रचार के बजाय जवाब और घोषणाओं के बजाय परिणाम देने चाहिए। नशे के नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार करने के साथ ही अपराधियों को मिलने वाले किसी भी राजनीतिक संरक्षण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

नशे पर प्रहार और युवाओं के भविष्य की रक्षा लक्ष्य

अमित शाह ने कहा कि लक्ष्य नशे के कारोबार पर प्रहार करना, युवाओं के भविष्य की रक्षा करना और अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करना है। उन्होंने कानून के ऐसे शासन की जरूरत पर जोर दिया, जिसमें किसी भी नागरिक को भय के साये में जीने के लिए मजबूर न होना पड़े।