Last Updated on October 16, 2026 11:36 pm by INDIAN AWAAZ

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केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के सांची में महिला किसान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में महिला किसानों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने खेती-किसानी में महिलाओं के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्हें औपचारिक किसान पहचान दिलाने के लिए प्रयास करने की बात कही। उन्होंने रायसेन और विदिशा से पायलट अभियान शुरू कर हर गांव के हर परिवार को कम से कम एक आजीविका से जोड़ने और गांवों को गरीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य भी सामने रखा। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 46 ग्रामीण सड़कों का भूमिपूजन किया गया।
खेती करने वाली महिलाओं को मिलेगी किसान की पहचान
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि महिला किसान ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला हैं। खेतों में काम करने से लेकर पशुपालन, दूध उत्पादन, चारा प्रबंधन और पशुओं की देखभाल तक महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद उन्हें औपचारिक रूप से किसान की पहचान दिलाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जो महिलाएं अपने हाथों से खेती करती हैं, वे वास्तविक महिला किसान हैं और उन्हें पहचान दिलाने के लिए पूरी ताकत से प्रयास किए जाएंगे।
किसान की पहचान केवल जमीन के मालिकाना हक से तय नहीं होनी चाहिए
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसान की पहचान केवल जमीन के स्वामित्व के आधार पर नहीं, बल्कि खेती में उसके वास्तविक योगदान के आधार पर भी होनी चाहिए। अनाज उत्पादन के अलावा फल-सब्जियों, औषधीय पौधों की खेती, मछली पालन, मुर्गी पालन और पशुपालन जैसी गतिविधियां भी कृषि का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन कार्यों में महिलाओं का योगदान उल्लेखनीय है। उन्होंने कहा कि महिला किसानों को उनकी मेहनत के अनुरूप पहचान और सम्मान मिलना चाहिए। कृषि मंत्री के रूप में वे इस विषय को संबंधित मंचों पर मजबूती से उठाएंगे।
रायसेन और विदिशा से हर परिवार को आजीविका से जोड़ने की पहल
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि रायसेन और विदिशा में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ऐसा अभियान शुरू किया जाएगा, जिसका उद्देश्य हर गांव के हर परिवार को कम से कम एक आजीविका से जोड़ना है। इससे गांवों को गरीबी मुक्त बनाने और परिवारों की आय के स्थायी साधन विकसित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि गरीबी से मुक्ति केवल सहायता देने से नहीं, बल्कि रोजगार और कमाई के अवसर उपलब्ध कराने से संभव है। खेती, कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग, पशुपालन, बकरी पालन, मछली पालन और छोटे व्यवसायों के माध्यम से परिवारों को आजीविका से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। इस अभियान में महिला किसानों की भूमिका अहम होगी।
महिला किसान छोटे उद्योगों से बढ़ाएंगी अपनी आय
केंद्रीय मंत्री ने महिलाओं से पारंपरिक गतिविधियों के साथ कृषि आधारित छोटे उद्योगों की ओर भी बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं बड़ी, पापड़ और अचार बनाने के साथ दाल मिल, तेल मिल और खाद्य प्रसंस्करण जैसे उद्यम शुरू कर सकती हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों में दलहन का उत्पादन अधिक होता है, वहां छोटी दाल मिल स्थापित की जा सकती है। इसी तरह टमाटर से केचप बनाने और दूसरे कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग के उद्योग भी शुरू किए जा सकते हैं। इसके लिए महिलाओं को प्रशिक्षण, मशीनें और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे, ताकि वे अपने उत्पादों का मूल्य बढ़ाकर अधिक आय अर्जित कर सकें।
महिला उद्यमियों को ऋण और तकनीकी सहयोग दिलाने पर जोर
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि महिला किसानों और उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन, लाइसेंस और दस्तावेजीकरण जैसी सुविधाएं जरूरी हैं। उन्होंने महिलाओं को बिना गारंटी या कम गारंटी की शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराने के लिए प्रयास करने की बात कही, ताकि पूंजी की कमी उनके उद्यम शुरू करने में बाधा न बने। उन्होंने कहा कि महिला केंद्रित उद्यमिता योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं और परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।
महिला किसान मंच से मिलेगा सहयोग और मार्गदर्शन
केंद्रीय मंत्री ने महिला किसान मंच की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि महिलाओं को ऐसा मंच मिलना चाहिए, जहां वे अपने अनुभव साझा कर सकें, एक-दूसरे से सीख सकें और मिलकर आगे बढ़ने के अवसर तलाश सकें। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल महिलाओं का नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक प्रयास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आधी आबादी पीछे रह जाएगी तो देश भी पूरी प्रगति नहीं कर सकेगा। महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाना जरूरी है। महिलाओं को अवसर, सम्मान और सहयोग देकर देश के विकास में उनकी भागीदारी और मजबूत की जा सकती है।
महिलाओं को सम्मान और आत्मनिर्भरता के अवसर देना संकल्प
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ उन्हें सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षणिक रूप से भी सशक्त करना जरूरी है। बहनों और बेटियों को सम्मान के साथ जीवन जीने के अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने कहा कि महिला किसान आर्थिक रूप से मजबूत होंगी तो उनके परिवार भी समृद्ध होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत मिलेगी। महिलाओं की मेहनत, उद्यमिता और सहभागिता से गांव आत्मनिर्भर बनेंगे तथा विकसित भारत के निर्माण में उनकी भूमिका और मजबूत होगी।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 46 सड़कों का भूमिपूजन
कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 46 ग्रामीण सड़कों का भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि इन सड़कों के निर्माण से गांवों में आवागमन सुगम होगा और ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र के लोगों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि जनता ने उन्हें छह बार सांसद बनाया और मंत्री के रूप में सेवा का अवसर दिया है। ऐसे में क्षेत्र के विकास कार्यों में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने सड़क निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और शिलान्यास कार्यक्रमों में स्थानीय ग्रामीणों एवं कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया।
सांची क्षेत्र में गरीबों के लिए पक्के मकानों को प्राथमिकता
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि सांची विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2025-26 के दौरान 3,081 और वर्ष 2024-25 में 5,035 मकान स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा, पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 218 और धरती आबा योजना के अंतर्गत 246 मकान स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने बताया कि हालिया सर्वे में सांची विधानसभा क्षेत्र में 22,477 अतिरिक्त मकानों की आवश्यकता सामने आई है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के पास कच्चे मकान हैं और जिनका सर्वे पूरा हो चुका है, उन्हें पक्के मकान के लिए सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि गरीब परिवारों को सम्मानजनक आवास मिल सके। (इनपुट: पीआईबी)
