Last Updated on July 17, 2026 7:17 pm by INDIAN AWAAZ
AMN/ WEB DESK
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जलंधर में 5,470 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और कई का उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य कनेक्टिविटी को मजबूत करना, यात्रियों की सुविधा में सुधार करना और क्षेत्र में आर्थिक विकास को गति देना है। उन्होंने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत जलंधर कैंट सहित 75 पुनर्निर्मित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने जलंधर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र की एनडीए सरकार भारत के प्रत्येक नागरिक की सेवा को प्राथमिकता देती है, उनके जीवन को सुगम बनाती है और उन्हें प्रगति के नए अवसर प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक परिवार, चाहे वह गरीब हो या मध्यम वर्ग का हो, सर्वोत्तम संभव सुविधाएं प्राप्त करे और नागरिक देवो भव की यह भावना सरकार के कार्यों में परिलक्षित होती है। इससे पहले, जलंधर में एक जनसभा में श्री मोदी को सम्मानित किया गया।
वहीं इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज चंडीगढ़ में स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और सड़क अवसंरचना जैसे प्रमुख क्षेत्रों में लगभग 4,700 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया।
चंडीगढ़ के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने 505 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अत्याधुनिक मातृ और शिशु देखभाल केंद्र और 440 करोड़ रुपये की लागत से तैयार उन्नत तंत्रिका विज्ञान केंद्र राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने पीजीआई चंडीगढ़ में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन-पीएम अभिम योजना के अंतर्गत 259 बिस्तरों वाले गहन चिकित्सा कक्ष की आधारशिला भी रखी। श्री मोदी ने जीरकपुर-कुराली ग्रीनफील्ड राजमार्ग को भी राष्ट्र को समर्पित किया और जीरकपुर बाईपास तथा चंडीगढ़ एयरपोर्ट एयरोसिटी ग्रीनफील्ड राजमार्ग की आधारशिला रखी। उन्होंने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज और सेक्टर 46 के सरकारी कॉलेज में छात्रावास भवनों का उद्घाटन किया, साथ ही पंजाब विश्वविद्यालय में एक नए बहुउद्देशीय सभागार का भी उद्घाटन किया।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चंडीगढ़ के विकास का लाभ हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के लोगों तक भी पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि पीजीआई में उन्नत तंत्रिका विज्ञान केंद्र, अत्याधुनिक मातृ और शिशु देखभाल केंद्र और गहन चिकित्सा अस्पताल के विस्तार से उपचार सुविधाओं में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में पीजीआई चंडीगढ़ की क्षमताओं में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है।
प्रधानमंत्री ने आपराधिक न्याय प्रणाली में सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि औपनिवेशिक काल के दंड कानूनों को भारतीय न्याय संहिता-बीएनएस से बदला गया है और इसका कार्यान्वयन चंडीगढ़ से शुरू हुआ। शहर के आधुनिकीकरण के बारे में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र, स्मार्ट यातायात प्रबंधन, स्मार्ट पार्किंग और डिजिटल गवर्नेंस पहलों ने चंडीगढ़ को एक हाई-टेक शहर में बदल दिया है और इस मिशन के अंतर्गत ढाई हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं। प्रधानमंत्री ने चंडीगढ़ को नियोजित शहरी विकास का एक मानक बताते हुए कहा कि यह शहर एनडीए सरकार की प्राथमिकता में बना हुआ है।

