Last Updated on February 26, 2026 2:35 pm by INDIAN AWAAZ

इंद्र वशिष्ठ
लालकिले के सामने हुए फिदायीन कार बम धमाके के मामले में कश्मीर के ज़मीर अहमद अहंगर (गंदरबल) और तुफैल अहमद भट (श्रीनगर) को एनआईए ने गिरफ्तार किया है। अब इस मामले में गिरफ्तार अभियुक्तों की संख्या 11 हो गई है। अदालत ने दोनों आरोपियों को दस दिनों के लिए एनआईए की हिरासत में भेज दिया।
एनआईए के अनुसार ये दोनों आरोपी बम धमाके से जुड़ी साज़िश में सक्रिय रूप से शामिल थे। जांच में पता चला है कि इन दोनों ने बम धमाके के मुख्य आरोपी को हथियार सप्लाई किए थे।
एनआईए ने जांच में पाया कि ज़मीर अहमद और तुफैल अहमद अंसार ग़ज़वत-उल-हिंद, आतंकी संगठन के एक्टिव ओवर ग्राउंड वर्कर हैं।
एनआईए की जांच से यह भी पता चला है कि ज़मीर और तुफैल बम धमाके की साज़िश और कई दूसरी आतंकी साज़िशों का भी हिस्सा थे। पूरी जांच और सबूतों की जांच के बाद यह भी पाया है कि वे भारत के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए हथियार और गोला-बारूद इकट्ठा करने में लगे हुए थे।
तुफैल अहमद भट्ट पेशे से एक एसी, टेक्नीशियन है। जांच में सामने आया है कि तुफैल ही वह शख्स है जिसने वह एके -47 राइफल मुहैया कराई थी जो पहले अनंतनाग के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में एक आरोपी डॉक्टर के लॉकर से बरामद हुई थी।
एनआईए की जांच के मुताबिक, दिल्ली धमाके की साज़िश फिदायीन डाक्टर उमर उन नबी ने दूसरे आरोपियों डाक्टर मुज़म्मिल शकील गनी, डाक्टर शाहीन सईद, मुफ़्ती इरफ़ान, अदील अहमद राथर और पांच दूसरे लोगों के साथ मिलकर रची थी, जिन्होंने मुख्य साज़िश करने वालों को पनाह और लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया था। इन नौ लोगों को कश्मीर और हरियाणा में अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया गया था।
लाल किले के सामने 10 नवंबर 2025 को हुए बम धमाके में 12 लोग मारे गए थे और कई घायल हुए थे। मुख्य आरोपी, उमर उन नबी भी इस जानलेवा धमाके में मारा गया था
