Last Updated on April 14, 2026 4:09 pm by INDIAN AWAAZ

नोएडा

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर Noida में मजदूरों के विरोध प्रदर्शन से भड़की हिंसा लगातार दूसरे दिन भी थमने का नाम नहीं ले रही है। मंगलवार को शहर के कई इलाकों में फिर से पथराव और झड़पों की घटनाएं सामने आईं, जिससे हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिशें तेज कर दी हैं।

सोमवार को वेतन वृद्धि के मुद्दे पर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन देखते ही देखते बड़े पैमाने पर हिंसा में बदल गया था। करीब 40 से 45 हजार फैक्ट्री मजदूरों ने 80 से अधिक स्थानों पर प्रदर्शन किया, जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई और कई इलाकों में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई। खासकर सेक्टर-63 और फेज-2 क्षेत्र में उपद्रवियों ने वाहनों में आग लगा दी और पुलिस पर पथराव किया।

पुलिस के अनुसार, मंगलवार को सेक्टर-80 और सेक्टर-70 में फिर से पथराव हुआ, जहां भीड़ को काबू करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा। वहीं, सेक्टर-121 के क्लियो काउंटी जैसे रिहायशी इलाकों तक हिंसा फैलने से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। हालात इतने बिगड़ गए कि स्कूल के बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाकर पास के होटलों में शरण लेनी पड़ी।

सब-इंस्पेक्टर माता प्रसाद गुप्ता ने बताया कि कुछ शरारती तत्वों ने पुलिस पर पत्थर फेंके, जिसमें वे खुद भी घायल हो गए। उन्होंने कहा कि कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है।

गौतम बुद्ध नगर की पुलिस आयुक्त Laxmi Singh ने बताया कि शुरुआती प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया था, लेकिन इसके बाद “बाहरी तत्वों” ने आकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि ऐसे कई लोगों को हिरासत में लिया गया है और बाकी की पहचान की जा रही है। अब तक सात एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।

पुलिस ने दावा किया है कि हालात पर काबू पाने के लिए संयम बरतते हुए कार्रवाई की गई, लेकिन कुछ समूह लगातार यातायात बाधित करने और सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने में लगे रहे। फायर ब्रिगेड और अन्य विभागों की मदद से आगजनी की घटनाओं को नियंत्रित किया गया।

सोमवार की हिंसा के बाद अब तक करीब 300 लोगों को आगजनी और तोड़फोड़ के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, जबकि 100 से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की मदद से अन्य आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।

उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री Anil Rajbhar ने इस हिंसा को “सुनियोजित साजिश” करार दिया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में मेरठ और नोएडा से संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी के मद्देनजर राज्य में अस्थिरता फैलाने की कोशिशों से इनकार नहीं किया जा सकता।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि न्यूनतम वेतन 20 हजार रुपये तय किए जाने की खबरें भ्रामक हैं। वहीं, पुलिस ने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने के आरोप में दो हैंडल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और करीब 50 संदिग्ध अकाउंट्स की पहचान की गई है, जिनकी जांच एसटीएफ द्वारा की जाएगी।

फिलहाल, नोएडा में हालात संवेदनशील बने हुए हैं और प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।