Last Updated on February 21, 2026 1:02 am by INDIAN AWAAZ
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान लिकटेंस्टीन के राजकुमार एलोइस के साथ द्विपक्षीय बैठक की। विदेश मंत्रालय ने बताया कि बैठक में दोनों नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग की समीक्षा की। उन्होंने व्यापार, निवेश और एआई, नवाचार तथा कौशल विकास सहित उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में भारत और लिकटेंस्टीन के बीच मजबूत सहयोग को बढ़ावा देने पर सहमति व्यक्त की।
सोशल मीडिया पोस्ट में, प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों की प्रबल संभावनाओं और नवाचार, प्रौद्योगिकी, कौशल विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की। सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री ने स्लोवाक गणराज्य के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी के साथ बैठक भी की। उन्होंने आपसी संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की और व्यापार तथा निवेश, डिजिटल प्रौद्योगिकी, रक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा, संस्कृति और जन-संबंधों सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने शिखर सम्मेलन के दौरान श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के साथ भी बैठक की। सोशल मीडिया पोस्ट में, श्री मोदी ने बताया कि उन्होंने ऊर्जा, कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य सेवा, कौशल विकास, संस्कृति, समु्द्री अर्थव्यवस्था और अन्य क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने हाल के दिनों में भारत-श्रीलंका संबंधों में हुई प्रगति की भी समीक्षा की। सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम के साथ बैठक की। दोनों नेताओं ने भारत-मॉरीशस उन्नत रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों नेताओं ने विशेष आर्थिक पैकेज के अन्तर्गत हुई प्रगति सहित भारत-मॉरीशस द्विपक्षीय साझेदारी के प्रमुख विषयों की समीक्षा की। प्रधानमंत्री ने महासागर परिकल्पना और पड़ोसी-प्रथम नीति के अन्तर्गत मॉरीशस की विकास प्राथमिकताओं के लिए भारत की अटूट प्रतिबद्धता दोहराई।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुतरश और प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई बैठक में संयुक्त राष्ट्र सुधारों, विशेष रूप से विकासशील देशों को अधिक सशक्त बनाने पर अपने विचार साझा किए गए। दोनो नेताओं ने एआई को सर्वव्यापी बनाने और इस संबंध में संयुक्त राष्ट्र की रचनात्मक भूमिका पर भी चर्चा की। श्री मोदी ने एक बेहतर ग्रह के लिए आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस का उपयोग करने के उद्देश्य से किए जा रहे किसी भी प्रयास के लिए भारत का समर्थन दोहराया।
