Last Updated on January 26, 2026 9:41 pm by INDIAN AWAAZ

कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज घोषणा की कि सरकार किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अरहर, मसूर और उड़द सहित दालों की शतप्रतिशत खरीद सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है। उन्‍होंने नई दिल्ली में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सरकार द्वारा विशेष रूप से आमंत्रित किसानों से चर्चा के दौरान यह बात कही।

श्री चौहान ने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, क्योंकि लगभग 70 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि और संबंधित गतिविधियों पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि भारत चीन को पीछे छोड़ते हुए विश्व का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश बन गया है और चावल निर्यात पर लगे प्रतिबंध हटा दिए गए हैं, जिससे किसानों को, विशेष रूप से बासमती चावल को, बेहतर दाम मिल रहे हैं। श्री चौहान ने आगे कहा कि घरेलू उत्पादकों की सुरक्षा के लिए सरकार ने दालों पर 30 प्रतिशत आयात शुल्क भी लगाया है।

कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को और मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार जंगली जानवरों और जलभराव से होने वाली फसल क्षति के लिए भी बीमा कवरेज बढ़ाने पर विचार कर रही है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि निर्धारित अवधि से अधिक समय तक दावा भुगतान में देरी होने पर बीमा कंपनियों को 12 प्रतिशत ब्याज देना होगा।

डिजिटल सुधारों के बारे में उन्‍होंने कहा कि किसानों के लिए एक विशिष्ट पहचान के रूप में किसान आईडी शुरू की जा रही है, जिससे ऋण, बीमा और कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंच आसान हो जाएगी। उन्होंने नकली बीजों, उर्वरकों और कीटनाशकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी घोषणा की और कहा कि जुर्माने को 30 लाख रुपये तक बढ़ाया जाएगा, साथ ही गंभीर उल्लंघनों के लिए कारावास का प्रावधान भी होगा।  

श्री चौहान ने कहा कि विकसित कृषि संकल्प अभियान के माध्यम से वैज्ञानिक अनुसंधान को तेज किया गया है, जिसमें आईसीएआर की टीमें फसल रोगों की भविष्यवाणी, कटाई के बाद होने वाले नुकसान में सुधार पर काम कर रही हैं।