Last Updated on May 10, 2026 9:30 pm by INDIAN AWAAZ

UN NEWS
दुनिया भर में आवास संकट सबसे गम्भीर मानवाधिकार चुनौतियों में से एक बन गया है, जिसमें आज भी दुनिया भर में लगभग 3 अरब लोग पर्याप्त आवास से महरूम हैं. संयुक्त राष्ट्र के आगामी विश्व शहरी मंच (World Urban Forum) के 13वें सत्र में यही मुद्दा केन्द्र में रखा जाएगा.
संयुक्त राष्ट्र पर्यावास – UN Habitat ने कहा है कि दुनिया में, एक अरब से अधिक लोग अनौपचारिक बस्तियों में रहते हैं, जबकि वैश्विक दक्षिण और उत्तर, दोनों ही क्षेत्रों में 30 करोड़ से अधिक लोगों के पास रहने के लिए कोई ठिकाना या घर ही नहीं है.
उधर, एशिया-प्रशान्त क्षेत्र में 50 करोड़ से अधिक लोगों के पास बुनियादी जल सेवाओं तक पहुँच नहीं है, जबकि एक अरब से अधिक लोग पर्याप्त स्वच्छता सुविधाओं के बिना जीवन बिता रहे हैं.
आवास सभी अन्य अधिकारों का प्रवेश द्वार
हॉलीवुड के अभिनेता और मानवतावादी रिचर्ड गेयर ने कहा है कि “आवास सभी अन्य अधिकारों का प्रवेश द्वार है.”
रिचर्ड गेयर ने तुरन्त वैश्विक कार्रवाई की पुकार लगाते हुए कहा है, “एक सुरक्षित घर के अभाव में, न कोई स्वास्थ्य होता है, न कोई शिक्षा होती है, न ही कोई स्थिर रोज़गार होता.”
रिचर्ड गेयर, आश्रयहीनता (Homelessness) से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रयासों से जुड़े हुए हैं.
आश्रयहीनता के मुद्दे पर विचार करने के लिए विश्व शहरी मंच का 13 वाँ सलत्र 17 से 22 मई तक, अज़रबैजान की राजधानी बाकू शहर में होने वाला है.
आश्रयहीनता केवल आश्रय की अनुपस्थिति तक सीमित नहीं है. यह अक्सर सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा, निजता और मानवीय गरिमा जैसे बुनियादी अधिकारों से वंचित कर देती है.
रिचर्ड गेयर ने कहा कि “बेघर होने की स्थिति अनिवार्य नहीं है. यह एक गहरी अन्यायपूर्ण स्थिति है, जिसे हम गरिमा, आवास और मानवीय जुड़ाव को अपनाकर हल कर सकते हैं.”
विश्व नगरीय मंच (WUF13)
यह संयुक्त राष्ट्र का प्रमुख वैश्विक सम्मेलन है, जो सतत शहरीकरण पर केन्द्रित है.
इस वर्ष, यह सम्मेलन अज़रबैजान की राजधानी बाकू में आयोजित किया जा रहा है, जिसका विषय है: “आवास की व्यवस्था: सुरक्षित और सहनशील शहर व समुदाय.”
इस दौरान, देशों की सरकारें, सिविल सोसायटी संगठन, नगरी योजनाकार, निजी क्षेत्र के नेता और युवा प्रतिनिधि, लगातार बढ़ते ‘आवास-संकट’ के समाधान पर चर्चा के लिए एक साथ आएँगे.
UN-Habitat और गेयर फ़ाउंडेशन एक साथ मिलकर इस बात पर ध्यान केन्द्रित कर रहे हैं कि सभी लोगों को पर्याप्त आवास तक पहुँच कैसे सुनिश्चित की जाए.
कार्यकर्ताओं का कहना है कि आवास हीनता की स्थिति, समाज की उस विफलता से जुड़ी है, जिसमें वह अपने नागरिकों के लिए बुनियादी व्यवस्था नहीं कर पाता है.
इस संकट से निपटने के लिए दीर्घकालिक राजनैतिक प्रतिबद्धता, मज़बूत सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों और आवास-केन्द्रित सार्वजनिक नीतियों की ज़रूरत होगी.
