Last Updated on August 18, 2025 12:37 am by INDIAN AWAAZ

नई दिल्ली/ब्रसेल्स, 17 अगस्त:
रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ी कूटनीतिक पहल को यूरोप के शीर्ष नेताओं का महत्वपूर्ण समर्थन प्राप्त हुआ है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और संभावित रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित अमेरिका-रूस-यूक्रेन त्रिपक्षीय शिखर सम्मेलन को यूरोपीय संघ और कई प्रमुख यूरोपीय देशों ने एक निर्णायक कदम बताते हुए समर्थन दिया है।
यह समर्थन उस ऐतिहासिक घटनाक्रम के बाद सामने आया है जिसमें 15 अगस्त को ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच अलास्का के एंकोरेज शहर में एक गुप्त लेकिन चर्चित बैठक हुई। इस बैठक के दौरान युद्धविराम, यूक्रेनी क्षेत्रीय अखंडता, और भविष्य की शांति व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा हुई।
संयुक्त यूरोपीय बयान में क्या कहा गया?
शनिवार को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क, फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने एक संयुक्त बयान जारी किया।
इस बयान में उन्होंने ट्रंप की पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि “अगर यह त्रिपक्षीय बातचीत सफल होती है तो यह चार साल से चल रहे विनाशकारी युद्ध को समाप्त करने में एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।”
यूक्रेन की संप्रभुता रहेगी पहली प्राथमिकता
यूरोपीय नेताओं ने स्पष्ट किया कि किसी भी शांति समझौते की पूर्व शर्त यूक्रेन की संप्रभुता और उसकी क्षेत्रीय अखंडता की ‘अटल गारंटी’ होगी। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के भविष्य, नाटो और यूरोपीय संघ से उसके संबंधों पर केवल कीव को निर्णय लेने का अधिकार होगा। रूस को किसी भी तरह का ‘वीटो’ अधिकार स्वीकार नहीं किया जाएगा।
रूस पर दबाव बनाए रखने की रणनीति
नेताओं ने यह भी कहा कि जब तक युद्ध जारी है, यूरोपीय देश यूक्रेन को सैन्य, आर्थिक और राजनीतिक सहायता प्रदान करते रहेंगे। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रूस अपनी सैन्य आक्रामकता नहीं रोकता, तो उस पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए जाएंगे और रूस की युद्ध-आधारित अर्थव्यवस्था पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ाया जाएगा।
कूटनीतिक गतिविधियां तेज़
ट्रंप और पुतिन की बैठक के तुरंत बाद ट्रंप ने यूरोपीय नेताओं और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को बातचीत की जानकारी दी। इस कड़ी में जेलेंस्की ने भी घोषणा की है कि वे सोमवार को वॉशिंगटन में ट्रंप से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि यह मुलाकात कूटनीतिक प्रक्रिया के अगले चरण की शुरुआत होगी, जिसमें शांति प्रस्तावों को अंतिम रूप देने की कोशिश की जाएगी।
निष्कर्ष: क्या यह अंत की शुरुआत है?
ट्रंप की पहल को कई विश्लेषक “युद्ध के बाद की व्यवस्था” की ओर पहला बड़ा प्रयास मान रहे हैं। हालांकि इस पहल की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि रूस युद्धविराम की वास्तविक इच्छाशक्ति दिखाता है या नहीं, और क्या यूक्रेन को उसका पूरा भू-राजनीतिक सम्मान मिलेगा। साथ ही, यूरोपीय देशों की सामूहिक एकता और समर्थन भी इस प्रक्रिया को विश्वसनीयता प्रदान करता है।
अब सभी की नजरें वॉशिंगटन में होने वाली संभावित ट्रंप-जेलेंस्की बैठक और उससे निकलने वाले संकेतों पर टिकी होंगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह प्रयास इस लंबे चले युद्ध को समाप्त करने की दिशा में कोई ठोस रास्ता खोलता है या फिर यह सिर्फ एक और राजनीतिक दांव साबित होगा।
