Last Updated on March 17, 2024 12:08 am by INDIAN AWAAZ
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने अपने ताजा परामर्श में कहा है कि किसी भी मध्यस्थ और मंच को सुनिश्चित करना होगा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मॉडल्स को ऐसी किसी सूचना का प्रसार या प्रकाशन करने या उसे अपलोड या साझा करने की अनुमति नहीं देनी होगी जो सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के अनुसार अवैध घोषित की गई हों या किसी प्रावधान का उल्लंघन करती हों। परामर्श में कहा गया है कि प्रत्येक मध्यस्थ और मंच को सुनिश्चित करना होगा कि कम्प्यूटर संसाधन या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल्स का इस्तेमाल किसी प्रकार के भेद-भाव की अनुमति नहीं देता और चुनावी प्रक्रिया की निष्ठा के लिए खतरा नहीं बनता। मंत्रालय ने कहा है कि बिना परीक्षण वाले तथा अविश्वसनीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल्स भारत में उपयोगकर्ताओं को तभी उपलब्ध कराए जाने चाहिए जब उनकी उचित लेबलिंग कर दी गई हो।
