Last Updated on June 15, 2017 12:46 am by INDIAN AWAAZ

AMN / लुधियाना

सरकार द्वारा महिलाओं को पुरुषों के बराबर हर क्षेत्र में समानता का दर्जा देने का ढिंढोरा कई दशकों से पीटा जा रहा है। लेकिन नारी आज भी समाज में दुसरे दर्जे के नागरिक की तरह अपना जीवन निर्वाह कर रही है।

rape-victimराष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस इंटक पंजाब की महिला अध्यक्ष अनीता शर्मा ने एक मीटिंग के दौरान बताया कि प्राइवेट व सरकारी क्षेत्र में नौकरी करने वाली महिलाओं को आज भी कोई भी कार्य करवाने के लिए पुरुषो के तलवे चाटने पड़ते हैं उनकी इस पोज़िशन का लाभ उठाकर उन्हे हर व्यक्ति बुरी नजर से देखता है और आज भी सभ्य समाज में औरत को केवल भोग की वस्तु समझा जाता है।

अनीता शर्मा ने कहा कि जब कारोबारी क्षेत्र में महिलाऐं पुरुष क्षेत्र में काम करती है तो उनका शरीरिक शोषण किया जाता है। फैक्ट्री के मालिक से लेकर सरकारी अफसर जिनके अधिन महिलाऐं कार्य करती है प्राय इन क्षेत्रों में महिलाओं को अपने जाल में फंसा कर बाबू लोग उनका शरीरिक शोषण करते है और जब कोई महिलाऐं पुरुषों के खिलाफ आवाज उठाती है तो उसे नौकरी से निकाल दिया जाता है या महिलाऐं अपनी इज्जत को बचाने के चुप रहती है या फिर आत्महत्या तक कर लेती है। स्कूलों में, सरकारी दफ्तरों में प्राइवेट क्षेत्र में महिलाओ का आज भी शोषण हो रहा है और महिलाऐं अपनी आबरू इज्जत मान मर्यादा के डर से अपना मुंह नहीं खोलती और इसी का फायदा उठा कर पुरुष प्रधान समाज महिलाओं को आज शोषण कर रहा है।

अंत में अनीता शर्मा ने कहा कि महिलाओं के शोषण को रोकने के लिए सरकार विशेष अदालते व कानून बनाए और कारोबारी महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करे और महिलाओं की समस्याओं को केवल महिला अधिकारी ही सुने और उस पर करवाई करे।