Last Updated on May 14, 2026 2:46 pm by INDIAN AWAAZ

तिरुवनंतपुरम/नई दिल्ली
करीब दस दिनों तक चले राजनीतिक suspense और अंदरूनी खींचतान के बाद कांग्रेस ने आखिरकार वरिष्ठ नेता V. D. Satheesan को केरल का नया मुख्यमंत्री घोषित कर दिया। नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेताओं Ajay Maken, Mukul Wasnik और Deepa Dasmunshi ने उनके नाम की आधिकारिक घोषणा की।
इस ऐलान के साथ ही कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) राज्य में सरकार गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा। केरल विधानसभा चुनाव में यूडीएफ को दो-तिहाई से अधिक बहुमत मिला था, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी के विभिन्न गुटों के बीच जारी लॉबिंग और कार्यकर्ताओं के विरोध के कारण फैसला टलता रहा।
छात्र राजनीति से मुख्यमंत्री तक का सफर
31 मई 1964 को एर्नाकुलम जिले के नेट्टूर में जन्मे वी. डी. सतीशन का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ। उनके पिता वडास्सेरी दामोदर मेनन और माता विलासिनी अम्मा थीं। उन्होंने पनंगड हाई स्कूल में छात्र नेता के रूप में पहचान बनाई और बाद में थेवरा एस.एच. कॉलेज में छात्र संघ पदाधिकारी बने।
सतीशन ने आगे चलकर एमजी यूनिवर्सिटी यूनियन के चेयरमैन और एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव के रूप में भी काम किया। पेशे से कानून स्नातक सतीशन ने कुछ वर्षों तक वकालत की, लेकिन बाद में पूरी तरह सार्वजनिक जीवन और राजनीति को समर्पित हो गए।
विपक्ष के मुखर नेता रहे सतीशन
वी. डी. सतीशन 2021 से 2026 तक केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे। इस दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ अपने तीखे और प्रभावशाली भाषणों से खास पहचान बनाई। संगठनात्मक स्तर पर भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वे केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) की राजनीतिक मामलों की समिति के सदस्य, पांच वर्षों तक केपीसीसी के उपाध्यक्ष तथा तमिलनाडु प्रभारी एआईसीसी सचिव भी रह चुके हैं।
विधानसभा में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें 25 से अधिक बार “सर्वश्रेष्ठ विधायक” पुरस्कार मिल चुका है। उन्होंने लोक लेखा समिति और प्राक्कलन समिति के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया।
परवूर सीट पर तीन दशक से मजबूत पकड़
परवूर विधानसभा क्षेत्र में पिछले लगभग 30 वर्षों से वी. डी. सतीशन कांग्रेस का सबसे बड़ा चेहरा बने हुए हैं। 1996 में उन्हें सीपीआई के पी. राजू से बेहद कम अंतर से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इसके बाद उन्होंने लगातार जीत का सिलसिला कायम रखा।
- 2001 में 7,434 वोटों से जीत
- 2011 में वरिष्ठ वाम नेता पन्नयन रवींद्रन को 11,349 वोटों से हराया
- 2016 में जीत का अंतर बढ़ाकर 20,634 किया
- 2021 में 21,301 वोटों से विजय हासिल की
- 2026 में सीपीआई के ई.टी. टायसन को 20,600 वोटों से पराजित किया
परिवार और व्यक्तिगत जीवन
वी. डी. सतीशन की पत्नी का नाम लक्ष्मी प्रिया है और उनकी एक बेटी उन्निमाया है। सतीशन अक्सर कहते रहे हैं कि परवूर से उनका भावनात्मक रिश्ता बेहद गहरा है और वहां का दौरा उनके लिए हर राजनीतिक और व्यक्तिगत तनाव का इलाज है।
अब जब वे केरल की कमान संभालने जा रहे हैं, राज्य की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है। कांग्रेस और यूडीएफ को उम्मीद है कि सतीशन के लंबे राजनीतिक अनुभव और संसदीय दक्षता से राज्य को नई दिशा मिलेगी।
