AMN नई दिल्ली

ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस दिल्ली स्टेट की जनरल बॉडी मीटिंग गालिब एकेडमी, बस्ती हजरत निजामुद्दीन, नई दिल्ली में प्रो. मुहम्मद इदरीस की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। अपने संबोधन में उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों की योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने पर जोर दिया। बैठक में यूथ विंग, एकेडमिक विंग, फार्मेसी विंग और टेक्निकल विंग के पदाधिकारियों ने भाग लिया और यूनानी चिकित्सा विज्ञान को आगे बढ़ाने के लिए अपने विचार प्रस्तुत किए।

बैठक के दौरान आयुष साहित्य के महत्वपूर्ण मंच रहे ज्ज्ञक्स् के बंद होने पर अफसोस व्यक्त किया गया, जिसे ज्ञान के प्रसार का एक सशक्त माध्यम माना जाता था। साथ ही, जामिया मिल्लिया इस्लामिया में प्रस्तावित यूनानी मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर ठोस और त्वरित कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। उल्लेखनीय है कि 17 मार्च 2023 को आयोजित एक कार्यक्रम में तत्कालीन वाइस चांसलर प्रो. नजमा अख्तर ने हकीम लुकमान यूनानी मेडिकल कॉलेज की स्थापना की घोषणा की थी और प्रारंभिक कदम भी उठाए गए थे, लेकिन उनके सेवानिवृत्त होने के बाद यह पहल ठंडे बस्ते में चली गई। बैठक में उम्मीद जताई गई कि वर्तमान प्रशासन इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।

इस अवसर पर कांग्रेस के सेक्रेटरी जनरल डॉ. सैयद अहमद खान ने यूनानी चिकित्सकों से संगठन को और अधिक मजबूत बनाने की अपील की तथा सकारात्मक सोच के साथ इसे राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मसीह-उल-मुल्क हकीम अजमल खान के विचार और आदर्श राष्ट्रीय और यूनानी चिकित्सा विज्ञान दोनों के लिए प्रेरणादायक हैं, इसलिए उनके स्थापित संस्थानों का विकास किया जाना चाहिए और तिब्बिया कॉलेज, नई दिल्ली में उनकी स्मृति में संग्रहालय स्थापित किया जाना चाहिए।

बैठक में एकेडमिक विंग के नेशनल जनरल सेक्रेटरी डॉ. शाहिद शाह चौधरी ने फार्मास्यूटिकल्स के मानकों को ऊंचा उठाने की आवश्यकता बताई, जबकि फार्मेसी विंग के नेशनल प्रेसिडेंट हकीम अर्बाबुद्दीन ने दवाओं की आपूर्ति और बिक्री केंद्रों के विस्तार पर जोर दिया। फार्मेसी विंग के जनरल सेक्रेटरी हकीम हाफिज उजैर बकाई ने कहा कि ज्ञान को अद्यतन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है और इसके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इसके अलावा टेक्निकल विंग के नेशनल वाइस प्रेसिडेंट डॉ. जकीउद्दीन सहित कई विशेषज्ञों और चिकित्सकों ने भी यूनानी चिकित्सा के प्रचार-प्रसार, शोध और संस्थागत विकास पर अपने विचार साझा किए। बैठक में बड़ी संख्या में डॉक्टरों, हकीमों और पत्रकारों की भागीदारी रही, जिससे इस क्षेत्र में बढ़ती सक्रियता का संकेत मिलता है।

अंत में दिल्ली स्टेट के प्रेसिडेंट डॉ. शकील अहमद मेरठी ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया और यूनानी चिकित्सा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सामूहिक प्रयासों पर बल दिया।

NEED YOUR ATTENTION

*मीटिंग में विशेष रूप से डॉ अल्ताफ अहमद, डॉ शहनाज परवीन, डॉ तैयबा राजिक, डॉ बुशरा शम्स, डॉ खिजरा शेख, डॉ जहीर यार खान, डॉ मुहम्मद शाहिद, डॉ शम्सुद्दीन आजाद, डॉ मुहम्मद सुलेमान, डॉ अजहरुद्दीन, डॉ शान आलम, डॉ कमरुद्दीन, डॉ असदुल्लाह खान, डॉ फैजान अहमद सिद्दीकी, डॉ सैयद मंसूर जमाल काजमी, डॉ सैयद शादाब हुसैन, डॉ फहीम मलिक, डॉ फरमान अली, डॉ नवाब अली, डॉ एम परवेज, हकीम अनीस दुर्रानी, डॉ महमूद आलम, डॉ खुर्शीद आलम, हकीम नईम रजा, डॉ गयासुद्दीन सिद्दीकी, हकीम मुहम्मद मुर्तजा देहलवी, डॉ शकील अहमद हापुरी, डॉ शाह फैसल, डॉ आलम कुरैशी, डॉ अतहर महमूद, डॉ नजमुस्सहर के अलावा पत्रकार अब्दूलबारी मसउद, ओवैस गोरखपुरी, मुहम्मद गुलजार, इसरार अहमद उज्जैनी, मबसूस अहमद, नदीम आरिफ, मुहम्मद हनीफ आजमी, मुहम्मद अजीम (स्काई) और मुहम्मद इमरान कन्नौजी वगैरह शामिल हुऐ। ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस दिल्ली स्टेट के प्रेसिडेंट डॉ. शकील अहमद मेरठी ने सभी आगन्तुओं का धन्यवाद ज्ञापित किया।