Last Updated on June 8, 2026 12:56 am by INDIAN AWAAZ

संयुक्त राष्ट्र ने शुक्रवार को उन साढ़े 4 हज़ार से अधिक शान्तिरक्षकों को श्रद्धांजलि दी है, जिन्होंने पिछले 78 वर्षों के दौरान दुनिया में शान्ति स्थापना के प्रयासों में अपना कर्तव्य निभाते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान कर दिया.

न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय में अन्तरराष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र शान्तिरक्षक दिवस के अवसर पर शुक्रवार को विशेष कार्यक्रम ऐसे समय आयोजित किया गया जब लेबनान में तैनात यूएन शान्तिरक्षा मिशन – UNIFIL में हाल ही में एक और यूएन शान्तिरक्षक ने अपना जीवन बलिदान कर दिया.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इस विशेष कार्यक्रम के दौरान सचिवालय परिसर में शान्तिरक्षकों के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और आर्थिक एवं सामाजिक परिषद (ECOSOC) में एक शोकपूर्ण समारोह की अध्यक्षता की. 

इस कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी, राजनयिक समुदाय तथा शहीद शान्तिरक्षकों के परिवारजन और सहकर्मी शामिल हुए.

यूएन प्रमुख ने कहा कि “दुर्भाग्यवश, जैसा कि इस सप्ताह की घटनाएँ हमें फिर से याद दिलाती हैं, शान्तिरक्षक शान्ति के लिए अपने कर्तव्य का पालन करते हुए लगातार जोखिम का सामना कर रहे हैं…और हम उनकी सेवा तथा बलिदान को सर्वोच्च श्रद्धांजलि देते हैं.” 

महासचिव ने 33 देशों के 68 शान्तिरक्षकों को मरणोपरांत डैग हैमरशोल्ड पदक प्रदान किया, जिनमें पिछले वर्ष अपने प्राणों की आहुति देने वाले 59 शान्तिरक्षक शामिल थे.

उन्होंने कहा, “वे (शान्तिरक्षक) मानवता के सर्वश्रेष्ठ प्रतिनिधि हैं – ऐसे लोग जो दूसरों की सुरक्षा के लिए हर जोखिम उठाने को तैयार रहते हैं.”

शान्तिरक्षा के सर्वोच्च सम्मान

इस कार्यक्रम के दौरान, दो शान्तिरक्षकों को शान्तिरक्षा के सर्वोच्च सम्मान ‘कैप्टन म्बाये डियान पदक’ (Captain Mbaye Diagne Medal) से सम्मानित किया गया.

यह मेडल, सेनेगल के शान्तिरक्षक कैप्टन म्बाये डियाने की स्मृति में दिया जाता है, जिन्होंने वर्ष 1994 में रवांडा में एक शान्तिरक्षक के तौर पर सैकड़ों ज़िन्दगियों की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान किया था.

उरूग्वे के सार्जेंट मातियास रेयेस, वर्तमान में काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य में यूएन के नीले ध्वज तले अपनी सेवाएँ दे रहे हैं. 

उन्हें वहाँ जीवन बचाने के लिए यह सम्मान दिया गया. वह इबोला के प्रकोप के कारण यूएन मुख्यालय पहुँचने के लिए यात्रा नहीं कर पाए. उनकी ओर से यह पदक संयुक्त राष्ट्र में उरूग्वे के स्थाई मिशन का एक प्रतिनिधि ग्रहण करेगा. 

यूक्रेन के सर्गेई प्रिखोदको, दक्षिण सूडान में यूएन मिशन (UNMISS) में हेलीकॉप्टर चालक दल के साथ एक निजी ठेकेदार के रूप में कार्यरत थे. उन्होंने मार्च 2025 में घिरे हुए सैनिकों को निकालने के एक जोखिमपूर्ण अभियान के दौरान अपनी जान क़ुर्बान कर दी.

उनकी पत्नी तेतियाना प्रिखोदको ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा, “यह पदक उनकी बहादुरी को सम्मान देता है, लेकिन यह हमें शान्ति की असली क़ीमत की भी याद दिलाता है..वे बलिदान जो ऐसे लोगों द्वारा किए जाते हैं जो अपने घर से दूर रहकर उन लोगों की ख़ातिर सेवा करते हैं, जिनसे वे शायद कभी मिले भी नहीं हों.”

महिला शान्तिरक्षकों का सम्मान

इस समारोह के दौरान संयुक्त राष्ट्र ने दो महिला शान्तिरक्षकों को भी सम्मानित किया, जिनमें लेबनान के दक्षिणी इलाक़े में तैनात यूएन मिशन (UNIFIL) में तैनात भारत की मेजर अभिलाषा बराक भी शामिल हैं. उन्हें वर्ष 2025 के सैन्य लैंगिक पैरोकार (Military Gender Advocate of the Year Award) का पुरस्कार प्रदान किया गया.

जर्मनी की इंस्पैक्टर स्टेफ़नी कोनिग्स को संयुक्त राष्ट्र दक्षिण सूडान मिशन (UNMISS) के शासनादेश के क्रियान्वयन में उनके उत्कृष्ट नेतृत्व और योगदान के लिए सम्मानित किया गया है. 

दुनिया भर में वर्तमान में 50 हज़ार से अधिक शान्तिरक्षक तैनात हैं, जिनके निर्धारित कार्यों में नागरिकों की सुरक्षा करना, चुनावों में सहायता देना, मानवीय सहायता पहुँचाना और बारूदी सुरंगों को निष्क्रिय करना शामिल है.

ये कार्यक्रम, हर साल 29 मई को मनाए जाने वाले अन्तरराष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र शान्तिरक्षक दिवस के वार्षिक आयोजन के तहत किया गया. 

इसी दिन वर्ष 1948 में मध्य पूर्व में संयुक्त राष्ट्र के पहले क्षेत्रीय मिशन, संयुक्त राष्ट्र युद्धविराम पर्यवेक्षण संगठन (UNTSO) की स्थापना की गई थी.

तब से अब तक, 4 महाद्वीपों में संचालित 71 शान्तिरक्षा मिशनों में 20 लाख से अधिक महिलाएँ और पुरुष सेवा दे चुके हैं.

https://news.un.org/hi/story/2026/06/1088244

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