
AMN / उदयपुर
संगीत और साहित्य के क्षेत्र में विगत 15 वर्षों से निरंतर नि:शुल्क सेवा दे रही संस्था ‘शायराना उदयपुर’ के तत्वावधान में ऐश्वर्या कॉलेज प्रांगण में एक भव्य राज्य स्तरीय संगीत समारोह संपन्न हुआ। इस समारोह में प्रदेशभर के लब्धप्रतिष्ठित कलाकारों ने अपनी गायकी और वादन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मुख्य आकर्षण: पंडित राम कृष्ण बोस का संतूर वादन
समारोह का मुख्य आकर्षण राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संगीतकार पंडित राम कृष्ण बोस की प्रस्तुति रही। उन्होंने अपने स्वनिर्मित संतूर पर जब फिल्मी गीतों की धुनें छेड़ीं, तो पूरा सभागार संगीत की लहरियों में डूब गया। इसके पश्चात उन्होंने राग मालकोश पर आधारित ‘त्रिवट चतुरंग’ गायन शैली की प्रस्तुति देकर शास्त्रीय संगीत की बारीकियों से रूबरू कराया।
प्रतियोगिता के परिणाम
राज्य भर से आए 60 से अधिक प्रतिभागियों ने गजल, फिल्मी गीत, शास्त्रीय गायन और वाद्य यंत्रों के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे:
- प्रथम स्थान: हेमराज गंधर्व (सिरमौर गायक)
- द्वितीय स्थान: महेंद्र कुमावत (राजसमंद)
- तृतीय स्थान: डॉ. प्रेमलता शर्मा
विजेताओं को ट्रॉफी, पगड़ी, उपरणा और संस्था की सदस्यता प्रदान कर सम्मानित किया गया।
विशिष्ट प्रस्तुतियां एवं मार्गदर्शन
- संगीत की जुगलबंदी: ऐश्वर्या कॉलेज की प्रबंध निदेशक डॉ. सीमा सिंह ने संगीतकार फ़य्याज खां के साथ गजलों की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया।
- निर्णायकों का संदेश: निर्णायक मंडल में शामिल देवयानी सेनगुप्ता, आभा सिरसीकर और मनोज पोरवाल ने भी अपनी गायकी के माध्यम से नवोदित कलाकारों को सुर, लय और ताल की बारीकियां सिखाईं।
- विशेष अतिथि: पूर्व अतिरिक्त जिला कलक्टर दिनेश कोठारी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। प्रख्यात गजल गायक डॉ. देवेंद्र सिंह हिरण ने भी प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।
कला और राष्ट्रभक्ति का संगम
समारोह के दौरान संगीत के साथ-साथ राष्ट्रभक्ति का अनूठा प्रदर्शन भी देखा गया। वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर मनोज आंचलिया और डॉ. सीमा वेद ने 21,000 फीट लंबे कपड़े पर लिखित भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के ज्ञात-अज्ञात शहीदों की वीर गाथाओं के बारे में जानकारी साझा की।
समारोह का संचालन: डॉ. प्रेमलता शर्मा और मनोज आंचलिया ने संयुक्त रूप से काव्यमयी शैली में कार्यक्रम का प्रभावी संचालन किया। कार्यक्रम के अंत में समन्वयक ललित गोयल ने सभी आगंतुकों और कलाकारों का आभार व्यक्त किया।
