
बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट द्वारा
वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों, विदेशी फंडों की लगातार निकासी और घरेलू आर्थिक मोमेंटम में आई सुस्ती के चलते मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली दर्ज की गई। इस चौतरफा गिरावट के कारण प्रमुख सूचकांकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
सेंसेक्स (S&P BSE Sensex) 893.39 अंक या 1.16% टूटकर 76,200.68 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, तकनीकी और मेटल शेयरों में हुई बिकवाली के कारण निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 278.80 अंक (1.16%) की गिरावट के साथ 23,824.10 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया।
बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह से मंदी के पक्ष में रहा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर जहां 1,020 शेयरों में तेजी देखी गई, वहीं 2,280 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। 99 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। बाजार में बढ़ती घबराहट के बीच उतार-चढ़ाव को मापने वाला सूचकांक ‘इंडिया विक्स’ (India VIX) 8.56% उछलकर 13.94 पर पहुंच गया।
वैश्विक बाजारों में कोहराम और मैक्रो चुनौतियां
घरेलू बाजार में आई यह गिरावट वैश्विक बाजारों में मची उथल-पुथल का ही असर थी। एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिसमें दक्षिण कोरिया के बेंचमार्क इंडेक्स ‘कोस्पी’ (KOSPI) में 10% की ऐतिहासिक गिरावट आई, जिसने क्षेत्रीय बाजारों में पैनिक पैदा कर दिया। वॉल स्ट्रीट पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों के ओवर-वैल्यूएशन और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन केविन वॉर्श के सख्त रुख ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। बाजार अब इस बात की 54% संभावना मानकर चल रहा है कि इस साल फेड रिजर्व कम से कम दो बार और ब्याज दरें बढ़ा सकता है।
दूसरी ओर, मजबूत होते अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY), जो 101.14 पर था, के सामने भारतीय रुपया कमजोर होकर 94.7300 के स्तर पर बंद हुआ। कमोडिटी बाजार में, MCX पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना करीब 1% गिरकर ₹146,722 पर आ गया। हालांकि, ब्रेंट क्रूड ऑयल 0.63% की मामूली गिरावट के साथ $77.41 प्रति बैरल पर आ गया, क्योंकि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बयान के बाद ईरान के साथ तनाव कम होने और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के खुले रहने की उम्मीद जगी है।
दोहरा झटका: कोर सेक्टर में सुस्ती और PMI कमजोर
घरेलू मोर्चे पर आए आर्थिक आंकड़ों ने भी बाजार पर दबाव बनाया। मई 2026 में देश के आठ प्रमुख बुनियादी उद्योगों (Core Sectors) की विकास दर घटकर 0.5% रह गई—जो पिछले 21 महीनों का दूसरा सबसे निचला स्तर है। आठ में से पांच कोर सेक्टर में संकुचन (Contraction) दर्ज किया गया। कच्चे तेल का उत्पादन 4.6% और प्राकृतिक गैस का उत्पादन 4.9% गिरा। केवल बिजली (+8.7%), सीमेंट (+8.4%), और स्टील (+5.0%) सेक्टर ही सकारात्मक दायरे में रहे।
इसके साथ ही, जून में देश की निजी क्षेत्र की गतिविधियों में भी नरमी देखी गई। HSBC और S&P ग्लोबल के फ्लैश अनुमानों के अनुसार, मैन्युफैक्चरिंग PMI मई के 55.0 से घटकर जून में 54.5 रह गया। वहीं, सर्विसेज PMI भी 59.8 से गिरकर 57.3 पर आ गया, जिससे कंपोजिट PMI (Composite PMI) मई के 59.3 के मुकाबले जून में 57.4 पर आ गया।
कॉर्पोरेट एक्शन और सुर्खियों में रहे शेयर्स
| स्टॉक | बंद भाव (₹) | प्रतिशत बदलाव | मुख्य कारण |
| वेदांता (Vedanta) | ₹282.20 | -7.73% | शुरुआती कारोबार में भारी ब्लॉक डील हुई। प्रमोटर इकाई ट्विन स्टार होल्डिंग्स ने कथित तौर पर 4.9% के डिस्काउंट (₹291/शेयर) पर करीब 6.5 करोड़ शेयर बेचे। |
| इन्फो एज (Info Edge) | ₹6,430.00 | +2.79% | कंपनी ने अपने ₹4,900 करोड़ के स्टार्टअप निवेश पोर्टफोलियो पर 8.4 गुना रिटर्न (मूल्य ₹41,300 करोड़, 33% ग्रॉस IRR) की घोषणा की। |
| NPST | ₹2,450.00 | +5.54% | कंपनी को एक महारत्न पीएसयू (PSU) से यूपीआई थर्ड-पार्टी एप्लिकेशन प्रदाता (TPAP) ऐप विकसित करने का बड़ा ऑर्डर मिला। |
| सिर्मा एसजीएस (Syrma SGS) | ₹512.10 | +3.05% | भारत में एक उन्नत ईएमएस (EMS) विनिर्माण सुविधा स्थापित करने के लिए जापान की कागा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ 60:40 के संयुक्त उद्यम (JV) पर हस्ताक्षर किए। |
इंडेक्स के स्तर पर गिरावट लाने में दिग्गज शेयरों का बड़ा हाथ रहा, जिसमें इन्फोसिस 3.42% टूट गया, जबकि एचडीएफसी बैंक (-1.75%) और रिलायंस इंडस्ट्रीज (-1.55%) में भी भारी गिरावट आई। हालांकि, लार्ज-कैप के मुकाबले मिड-कैप (-0.88%) और स्मॉल-कैप (-0.62%) में गिरावट थोड़ी कम रही। वहीं, फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों ने बाजार की इस कमजोरी के बीच बढ़त दर्ज की।
प्राइमरी मार्केट अपडेट (IPO डैशबोर्ड)
- अद्वित ज्वेल्स (Advit Jewels): इस आईपीओ को पहले ही दिन निवेशकों का शानदार रिस्पॉन्स मिला और यह 10.49 गुना सब्सक्राइब होकर बंद हुआ।
- टर्टलमिन फिनटेक सॉल्यूशंस (Turtlemint Fintech): बुकिंग के आखिरी दिन यह आईपीओ पूरी तरह से भर गया और कुल 1.19 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हुआ।
- वाटरवेज लेजर टूरिज्म (Waterways Leisure): पहले दिन इस आईपीओ को लेकर निवेशकों में कोई खास उत्साह नहीं दिखा और यह केवल 0.18 गुना ही सब्सक्राइब हो सका।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख केवल प्रकाशन के समय उपलब्ध बाजार के आंकड़ों पर आधारित है और केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। इसे किसी भी प्रकार की निवेश, वित्तीय या कानूनी सलाह न माना जाए। पूंजी बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है; निवेशकों को सलाह दी जाती है कि कोई भी निर्णय लेने से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकारों से परामर्श लें।
