
हमारे व्यापार संवाददाता द्वारा
शुक्रवार को अमेरिकी–ईरान तनाव में नरमी और संभावित शांति समझौते को लेकर बढ़ती उम्मीदों के बीच भारतीय शेयर बाजारों में शानदार तेजी देखने को मिली। निवेशकों का विश्वास उस समय और मजबूत हुआ जब ब्रेंट क्रूड का भाव घटकर 87 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया, जिससे आयातित महंगाई को लेकर चिंताएं कम हुईं। खरीदारी लगभग सभी क्षेत्रों में देखने को मिली और प्रमुख सेक्टोरल सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। निजी बैंक और वित्तीय शेयरों ने तेजी का नेतृत्व किया, जिसके चलते निफ्टी 50 ने फिर से 23,600 का स्तर हासिल कर लिया।
एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स 1,695.40 अंक यानी 2.30% की छलांग लगाकर 75,527.95 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 461.30 अंक यानी 1.99% बढ़कर 23,622.90 पर पहुंच गया। लार्सन एंड टुब्रो (4.87% की बढ़त), एचडीएफसी बैंक (3.67% की बढ़त) और रिलायंस इंडस्ट्रीज (2.64% की बढ़त) ने प्रमुख सूचकांकों को सबसे अधिक सहारा दिया।
व्यापक बाजार का बेहतर प्रदर्शन
तेजी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही। बीएसई 150 मिडकैप इंडेक्स 2.37% उछला, जबकि बीएसई 250 स्मॉलकैप इंडेक्स 2.60% चढ़ गया, जो बाजार के सभी वर्गों में मजबूत भागीदारी को दर्शाता है। बाजार की चौड़ाई भी मजबूत रही। बीएसई पर 3,222 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जबकि 1,046 शेयरों में गिरावट रही।
बाजार में अस्थिरता भी काफी कम हुई। एनएसई इंडिया VIX 5.73% गिरकर 14.72 पर आ गया, जिससे संकेत मिलता है कि निवेशक निकट भविष्य में अपेक्षाकृत शांत कारोबार की उम्मीद कर रहे हैं।
मुद्रास्फीति के आंकड़े और व्यापक आर्थिक संकेतक
वृहद आर्थिक मोर्चे पर खुदरा महंगाई में बढ़ोतरी दर्ज की गई। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) मई 2026 में बढ़कर 3.93% हो गया, जो अप्रैल के 3.48% से अधिक है और इस वर्ष का अब तक का उच्चतम स्तर है। वहीं उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (CFPI) के आधार पर खाद्य महंगाई 4.20% से बढ़कर 4.78% हो गई।
बॉन्ड प्रतिफल (यील्ड) में नरमी रही। 10-वर्षीय सरकारी बेंचमार्क बॉन्ड की यील्ड 6.897% से घटकर 6.870% पर आ गई। वहीं रुपया डॉलर के मुकाबले हल्का मजबूत होकर 95.85 से सुधरकर 95.19 के स्तर पर पहुंच गया।
कमोडिटी बाजार में, अगस्त डिलीवरी वाले एमसीएक्स गोल्ड फ्यूचर्स 1.05% बढ़कर ₹1,50,499 पर पहुंच गए। दूसरी ओर जुलाई डिलीवरी वाला ब्रेंट क्रूड 3.27 डॉलर यानी 3.62% गिरकर 87.11 डॉलर प्रति बैरल रह गया। वैश्विक स्तर पर यूएस डॉलर इंडेक्स 0.13% फिसलकर 99.71 पर आ गया, जबकि अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड घटकर 4.452% हो गई।
वैश्विक संकेतों से निवेशकों का उत्साह बढ़ा
वैश्विक बाजारों से भी सकारात्मक संकेत मिले। यूएस डॉव जोन्स फ्यूचर्स में मजबूती के संकेत दिखे, जबकि अमेरिकी–ईरान वार्ता में संभावित सफलता की उम्मीदों पर यूरोपीय बाजारों में तेज बढ़त दर्ज की गई। एशियाई बाजार भी हरे निशान में बंद हुए, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि वाशिंगटन और तेहरान शांति समझौते के काफी करीब हैं।
इससे पहले, ट्रंप द्वारा ईरान पर प्रस्तावित हमलों को टालने की घोषणा के बाद वॉल स्ट्रीट में भी जोरदार तेजी आई थी। एसएंडपी 500 1.75% बढ़कर 7,394.30 पर पहुंच गया, नैस्डैक कंपोजिट 2.54% उछलकर 25,809.66 पर बंद हुआ और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 929.97 अंक यानी 1.86% बढ़कर 50,848.75 पर पहुंच गया।
निवेशकों की नजरें अब स्पेसएक्स की ऐतिहासिक नैस्डैक लिस्टिंग पर टिकी हैं। कंपनी SPCX टिकर के तहत 135 डॉलर प्रति शेयर के मूल्य पर सूचीबद्ध होगी, जिससे उसका मूल्यांकन लगभग 1.77 ट्रिलियन डॉलर आंका जा रहा है। 55.56 करोड़ शेयरों की बिक्री के जरिए 75 अरब डॉलर जुटाने की योजना के साथ यह इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ बनने की ओर अग्रसर है, जो 2014 में अलीबाबा के 22 अरब डॉलर के आईपीओ को पीछे छोड़ सकता है।
नई लिस्टिंग और कॉर्पोरेट घटनाक्रम
घरेलू बाजार में हेक्सागन न्यूट्रिशन ने बीएसई पर शानदार शुरुआत की। शेयर ₹45 के निर्गम मूल्य के मुकाबले 11.98% प्रीमियम के साथ ₹50.39 पर बंद हुआ। यह ₹48 पर खुला और दिन में ₹50.39 का उच्च स्तर छुआ। कुल 14.2 लाख से अधिक शेयरों का कारोबार हुआ।
कई कॉर्पोरेट घोषणाओं ने व्यक्तिगत शेयरों को चर्चा में बनाए रखा:
- नेस्ले इंडिया के शेयर 3.23% गिर गए, क्योंकि मैगी में कथित रूप से कीट पाए जाने को लेकर नियामकीय नोटिस की खबरें सामने आईं।
- टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स 4.02% चढ़ा। कंपनी ने 1 जुलाई से ICE और EV मॉडलों की कीमतों में 1.5% तक बढ़ोतरी की घोषणा की।
- जयंत इन्फ्राटेक 17.24% उछला, क्योंकि उसे ₹16.54 करोड़ का रेलवे विद्युतीकरण अनुबंध मिला।
- जीएनजी इलेक्ट्रॉनिक्स 3.44% बढ़ा, जब उसके प्रमोटर ने न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता नियमों के अनुपालन हेतु अपनी हिस्सेदारी घटाई।
- पीसीबीएल केमिकल 4.43% मजबूत हुआ, क्योंकि कंपनी ने मुंद्रा संयंत्र में नई विशेष उत्पादन लाइन शुरू की।
- हिताची एनर्जी इंडिया 3.31% बढ़ी। कंपनी ने वडोदरा में नया ट्रांसफॉर्मर कारखाना स्थापित करने के लिए ₹2,000 करोड़ निवेश योजना की घोषणा की।
- रत्नवीर प्रिसीजन इंजीनियरिंग 2.33% चढ़ा, क्योंकि कंपनी ने ₹330 करोड़ तक के राइट्स इश्यू को मंजूरी दी।
- डाबर इंडिया 1.14% बढ़ा, हालांकि उसकी सिलवासा इकाई के एक हिस्से को लेकर अमेरिकी FDA ने आयात चेतावनी जारी की।
- एवीजी लॉजिस्टिक्स 6.05% उछला, क्योंकि उसे हल्दीराम नागपुर से दीर्घकालिक परिवहन अनुबंध प्राप्त हुआ।
- गुजरात इंजेक्ट केरल 3.75% बढ़ा, कंपनी को ₹14.49 करोड़ का सोलर पैनल ऑर्डर मिला।
- कॉनकॉर्ड बायोटेक 1.02% मजबूत हुआ, क्योंकि उसने ब्राजील की नियामक संस्था ANVISA का निरीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया।
आगे की राह
शुक्रवार की तेजी ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय शेयर बाजार की मजबूती को एक बार फिर साबित किया। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, भू-राजनीतिक जोखिमों में कमी और मजबूत कॉर्पोरेट गतिविधियों ने बाजार को व्यापक आधार पर समर्थन दिया। हालांकि बढ़ती महंगाई अब भी चिंता का विषय बनी हुई है और निवेशकों की नजर आगामी आर्थिक आंकड़ों तथा केंद्रीय बैंक की टिप्पणियों पर रहेगी।
वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल और घरेलू आर्थिक बुनियादों की मजबूती को देखते हुए विश्लेषकों का मानना है कि निकट अवधि में बाजार की गति बनी रह सकती है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में ऊंचे मूल्यांकन को देखते हुए सावधानी बरतना आवश्यक होगा।
