
हमारे बिजनेस संवाददाता
पिछले कारोबारी सत्र की तेज गिरावट के बाद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में सुधार देखने को मिला। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, रुपये में मजबूती और घरेलू मांग से जुड़े चुनिंदा शेयरों में खरीदारी ने बाजार की धारणा को सहारा दिया। हालांकि, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के ऊंचे स्तर और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों की सतर्कता बनी रही।
उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं और ऑटोमोबाइल शेयरों में खरीदारी ने बाजार को समर्थन दिया, जबकि आईटी और हेल्थकेयर शेयरों पर दबाव रहा। कारोबार के अंत में निफ्टी 50 फिर से 23,100 के स्तर के ऊपर पहुंच गया।
बीएसई सेंसेक्स 315.20 अंक यानी 0.43 प्रतिशत बढ़कर 73,895.74 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 में 77.40 अंक यानी 0.34 प्रतिशत की तेजी रही और यह 23,140.50 अंक पर बंद हुआ। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में निफ्टी में 1.64 प्रतिशत की गिरावट आई थी।
बाजार में आई तेजी में कुछ प्रमुख बड़ी कंपनियों के शेयरों की अहम भूमिका रही। एक्सिस बैंक 3.03 प्रतिशत, महिंद्रा एंड महिंद्रा 1.75 प्रतिशत और एचडीएफसी बैंक 0.92 प्रतिशत चढ़े। इन शेयरों ने निफ्टी को ऊपर खींचने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
हालांकि व्यापक बाजार में तस्वीर इतनी मजबूत नहीं रही। बीएसई 150 मिडकैप इंडेक्स 0.25 प्रतिशत गिर गया, जबकि बीएसई 250 स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.01 प्रतिशत की मामूली गिरावट रही।
बीएसई पर बाजार का रुख हालांकि सकारात्मक रहा। कुल 2,257 शेयर बढ़कर बंद हुए, जबकि 2,079 शेयरों में गिरावट रही। कुल 254 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
कच्चे तेल में नरमी से राहत
बाजार के लिए सबसे महत्वपूर्ण सकारात्मक संकेतों में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी रही। नवंबर 2026 डिलीवरी वाला ब्रेंट क्रूड 1.10 डॉलर यानी 1.03 प्रतिशत गिरकर 105.50 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
इससे पहले गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में करीब 3 प्रतिशत की तेजी आई थी। सऊदी अरब पर हूती मिसाइल हमले के बाद संभावित आपूर्ति व्यवधान की आशंका से तेल बाजार में चिंता बढ़ी थी।
भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर आयात बिल, मुद्रास्फीति, चालू खाते और कंपनियों की लागत पर पड़ता है। ऐसे में शुक्रवार को तेल की कीमतों में नरमी ने निवेशकों को कुछ राहत दी।
हालांकि ब्रेंट का 105 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहना अभी भी ऊंचे ऊर्जा खर्च की ओर संकेत करता है। इसलिए आने वाले कारोबारी सत्रों में भी तेल की चाल बाजार के लिए महत्वपूर्ण बनी रहेगी।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड चिंता का कारण
वैश्विक बाजारों में अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी रही। अमेरिका की 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 0.23 प्रतिशत बढ़कर 5.175 प्रतिशत हो गई।
ऊर्जा कीमतों में तेजी से मुद्रास्फीति पर दबाव बढ़ने की आशंका के बीच अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में हाल में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। 30-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 5.501 प्रतिशत तक पहुंच गई थी, जो जून 2004 के बाद का उच्चतम स्तर बताया गया। इसी तरह 10-वर्षीय यील्ड 5.223 प्रतिशत तक पहुंची थी, जो जून 2007 के बाद का उच्चतम स्तर था।
अमेरिकी यील्ड में ऊंचाई का असर उभरते बाजारों पर भी पड़ सकता है, क्योंकि इससे वैश्विक निवेशकों के लिए डॉलर आधारित परिसंपत्तियों का आकर्षण बढ़ सकता है। इसलिए भारतीय शेयर बाजार के लिए अमेरिकी बॉन्ड बाजार आने वाले दिनों में भी महत्वपूर्ण संकेतक बना रहेगा।
इसके विपरीत, घरेलू बॉन्ड बाजार में कुछ राहत रही। भारत सरकार की 10-वर्षीय बेंचमार्क सिक्योरिटी की यील्ड पिछले कारोबारी सत्र के 7.111 प्रतिशत से घटकर 7.100 प्रतिशत रह गई।
रुपया मजबूत, डॉलर इंडेक्स में गिरावट
विदेशी मुद्रा बाजार में भी रुपये ने कुछ मजबूती दिखाई। आंशिक रूप से परिवर्तनीय रुपया 95.8050 प्रति डॉलर पर कारोबार कर रहा था, जबकि पिछले सत्र में यह 95.9925 पर बंद हुआ था।
दूसरी ओर, डॉलर इंडेक्स 0.24 प्रतिशत गिरकर 101.04 पर आ गया। रुपये में मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भारतीय बाजार की धारणा को सहारा दिया।
सोने में तेजी
वैश्विक अनिश्चितता के बीच सोने की मांग मजबूत बनी हुई है। एमसीएक्स पर 5 अक्टूबर 2026 डिलीवरी वाला सोना 0.77 प्रतिशत बढ़कर 1,51,878 रुपये पर पहुंच गया।
सोने की कीमतों में मजबूती ऐसे समय आई है जब निवेशक भू-राजनीतिक जोखिम, महंगाई और वैश्विक ब्याज दरों से जुड़े संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं।
वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत
वैश्विक बाजारों से भारतीय बाजार को मिले-जुले संकेत मिले। शुक्रवार को डॉव जोन्स इंडेक्स फ्यूचर्स 186 अंक ऊपर था, जिससे अमेरिकी बाजार में सकारात्मक शुरुआत के संकेत मिले।
यूरोपीय शेयर बाजारों में भी सुधार हुआ। पिछले सत्र में करीब एक सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद यूरोपीय शेयरों ने वापसी की। कच्चे तेल की कीमतों में हालिया नरमी से ऊर्जा-गहन उद्योगों और ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील ग्रोथ शेयरों को राहत मिली।
एशियाई बाजारों में हालांकि मिलाजुला रुख रहा। अमेरिका में पिछले सत्र के मिश्रित कारोबार और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में तेज वृद्धि ने निवेशकों को सतर्क रखा। चीन और दक्षिण कोरिया के बाजार छुट्टी के कारण बंद रहे।
अमेरिका में गुरुवार को डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज लगातार तीसरे सत्र में गिरा। डॉव 161.61 अंक यानी 0.31 प्रतिशत गिरकर 51,349.98 अंक पर रहा। एसएंडपी 500 में 0.02 प्रतिशत की मामूली गिरावट आई, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 0.01 प्रतिशत बढ़ा।
ट्रंप-शी बैठक पर बाजार की नजर
निवेशकों की नजर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच वाशिंगटन में हुई बैठक पर भी रही।
दोनों नेताओं ने व्यापार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। अमेरिका और चीन ने अपने व्यापार संघर्षविराम को दो महीने और बढ़ाने पर सहमति जताई। गुरुवार को शी जिनपिंग के सम्मान में व्हाइट हाउस में राजकीय रात्रिभोज भी आयोजित किया गया।
अमेरिका-चीन व्यापार संबंधों में किसी भी बड़े बदलाव का असर वैश्विक आपूर्ति शृंखला, प्रौद्योगिकी कंपनियों और आर्थिक वृद्धि की संभावनाओं पर पड़ सकता है।
चुनिंदा शेयरों में हलचल
अमेरिकी बाजार में मेटा प्लेटफॉर्म्स करीब 4.5 प्रतिशत चढ़ा। कंपनी ने नए एआई-संचालित उपकरणों और अपने Muse AI एजेंट से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार की घोषणा की।
दूसरी ओर, ओरेकल करीब 4.5 प्रतिशत गिरा। कंपनी के न्यू मैक्सिको डेटा सेंटर प्रोजेक्ट से जुड़े फोर्स मेज्योर नोटिस जारी करने की रिपोर्ट के बाद शेयर पर दबाव आया।
घरेलू बाजार में पर्ल ग्लोबल इंडस्ट्रीज 3.56 प्रतिशत चढ़ा। कंपनी ने Investor Day के दौरान FY30 के लिए अपने विकास लक्ष्य पेश किए। कंपनी ने FY30 तक 9,000-10,000 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य रखा है, जबकि FY26 में राजस्व 5,025 करोड़ रुपये था।
कंपनी का FY30 के लिए समायोजित EBITDA लक्ष्य 1,080-1,400 करोड़ रुपये है, जबकि FY26 में यह 468 करोड़ रुपये था। EBITDA मार्जिन को 9.3 प्रतिशत से बढ़ाकर 12-14 प्रतिशत करने का लक्ष्य है। FY30 तक कुल 675-725 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय की योजना है।
पीवीपी वेंचर्स 5 प्रतिशत के निचले सर्किट पर पहुंच गया। कंपनी ने कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ डॉ. एलेन जेन फीहन तथा कार्यकारी निदेशक एवं सीओओ डॉ. नीरजा नागराजन के इस्तीफे की घोषणा की।
ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन भी 5 प्रतिशत के निचले सर्किट पर रहा। कंपनी का समायोजित समेकित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 13.97 प्रतिशत बढ़कर 29.28 करोड़ रुपये रहा, लेकिन तिमाही आधार पर इसमें 56.57 प्रतिशत की गिरावट आई। बिक्री सालाना आधार पर 7.28 प्रतिशत बढ़ी, लेकिन तिमाही आधार पर 20.20 प्रतिशत घटकर 133.66 करोड़ रुपये रही।
वास्कॉन इंजीनियर्स 4.48 प्रतिशत चढ़ा। कंपनी को क्वालकॉम इंडिया से 660.79 करोड़ रुपये का वर्क ऑर्डर मिला है।
ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया 6.31 प्रतिशत उछला। कंपनी ने बताया कि उसका बोर्ड 29 सितंबर को शेयर बायबैक पर विचार करेगा। 30 जून 2026 तक प्रमोटर और प्रमोटर समूह की कंपनी में 68.86 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
ब्लू क्लाउड सॉफ्टेक सॉल्यूशंस 11.62 प्रतिशत उछला। कंपनी की अमेरिकी सहायक इकाई Global Impx को IBM Cloud से एआई इंफ्रास्ट्रक्चर डिजाइन, तैनाती और सपोर्ट सेवाओं के लिए वर्क ऑर्डर मिला है।
वेलस्पन कॉर्प 4.91 प्रतिशत चढ़ा। उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली अमेरिकी इकाई Welspun Tubular को करीब 4,000 करोड़ रुपये का HFIW पाइप आपूर्ति ऑर्डर मिला है।
आईपीओ बाजार में भी तेज गतिविधि
शेयर बाजार के साथ प्राथमिक बाजार में भी गतिविधियां तेज रहीं। हालांकि अलग-अलग आईपीओ को निवेशकों से मिलने वाली प्रतिक्रिया में बड़ा अंतर दिखाई दिया।
मनीव्यू आईपीओ को 6.01 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। 23,25,24,175 शेयरों के मुकाबले 1,39,71,61,206 शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। इश्यू 24 सितंबर को खुला और 28 सितंबर को बंद होगा। मूल्य दायरा 32-34 रुपये प्रति शेयर है।
ए-वन स्टील्स इंडिया को 73,84,934 शेयरों के मुकाबले 99,94,662 शेयरों के लिए बोलियां मिलीं और इश्यू 1.35 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसका मूल्य दायरा 385-405 रुपये है।
एलिवेट कैंपस को 3,36,73,468 शेयरों के मुकाबले 6,02,43,022 शेयरों की बोलियां मिलीं और यह 1.79 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसका इश्यू 25 सितंबर को बंद हुआ।
एड्रॉइट इंडस्ट्रीज (इंडिया) के आईपीओ को सबसे मजबूत मांग मिली। 78,72,900 शेयरों के मुकाबले 1,39,11,08,943 शेयरों के लिए बोलियां आईं और इश्यू 176.70 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसका मूल्य दायरा 126-134 रुपये है।
स्वस्तिका इंफ्रा को 7.60 गुना, जबकि आर्मीक इन्फोटेक को 2.44 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।
दूसरी ओर, कुछ आईपीओ में मांग अपेक्षाकृत कमजोर रही। ऐसवेक्टर को 7,42,29,166 शेयरों के मुकाबले 1,72,21,464 शेयरों की बोलियां मिलीं और इश्यू केवल 0.23 गुना सब्सक्राइब हुआ।
रनवाल एंटरप्राइजेज को 0.42 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। कंपनी के इश्यू का मूल्य दायरा 290-305 रुपये है और यह 29 सितंबर को बंद होगा।
जर्मन ग्रीन स्टील एंड पावर को 1.73 गुना और ओरिएंट केबल्स (इंडिया) को 1.96 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।
आगे बाजार की दिशा
शुक्रवार की तेजी ने पिछले सत्र की तेज गिरावट के बाद बाजार को कुछ राहत दी है, लेकिन इसे व्यापक और निर्णायक रिकवरी के रूप में देखना जल्दबाजी होगी। कच्चे तेल की कीमत, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, रुपये की चाल और भू-राजनीतिक घटनाक्रम आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक बने रहेंगे।
निफ्टी का 23,100 के ऊपर बंद होना बाजार के लिए महत्वपूर्ण स्तर है, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में कमजोरी बताती है कि निवेशक अभी भी चुनिंदा शेयरों पर ही दांव लगा रहे हैं।
कुल मिलाकर, शुक्रवार के कारोबार में घरेलू बाजार ने पिछले सत्र की गिरावट से कुछ हद तक उबरने की कोशिश की। हालांकि वैश्विक स्तर पर ऊंची बॉन्ड यील्ड और ऊर्जा कीमतों से जुड़ी अनिश्चितता के कारण बाजार में सतर्कता कायम है। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों के साथ-साथ कच्चे तेल, मुद्रा बाजार और कंपनियों से जुड़े ताजा घटनाक्रम पर रहेगी।
नोट: आईपीओ से जुड़े सभी सब्सक्रिप्शन आंकड़े 25 सितंबर 2026 को शाम 5 बजे तक के हैं।
Initial Public Offering (IPO) Tracker
Primary markets remained fiercely active with multiple issues witnessing robust investor subscriptions as of late-afternoon tracking on September 25, 2026:
| IPO Name | Issue Period | Price Band (Rs) | Subscription Status |
| Adroit Industries (India) | 23 Sep – 25 Sep | 126 – 134 | 176.70x |
| Moneyview | 24 Sep – 28 Sep | 32 – 34 | 6.01x |
| Swastika Infra | 23 Sep – 25 Sep | 175 – 185 | 7.60x |
| Orient Cables (India) | 25 Sep – 29 Sep | 258 – 272 | 1.96x |
| Elevate Campuses | 23 Sep – 25 Sep | 343 – 362 | 1.79x |
| German Green Steel & Power | 25 Sep – 29 Sep | 132 – 139 | 1.73x |
| A-One Steels India | 24 Sep – 28 Sep | 385 – 405 | 1.35x |
| ArMee Infotech | 23 Sep – 25 Sep | 350 – 375 | 2.44x |
| Runwal Enterprises | 25 Sep – 29 Sep | 290 – 305 | 0.42x |
| AceVector | 25 Sep – 29 Sep | 30 – 32 | 0.23x |
Market analysts note that while value buying has offered short-term relief, investors will continue to monitor global yield movements and foreign institutional flows heading into the final trading sessions of the month.
Would you like me to expand on any particular sector’s quarterly performance or format specific stock data into an earnings summary?
