
हमारे व्यापार संवाददाता
मुंबई। वैश्विक अनिश्चितताओं, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, रुपये की रिकॉर्ड कमजोरी और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में भारी गिरावट के साथ बंद हुए। बाजार में निवेशकों की धारणा पर सबसे बड़ा असर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष विराम को लेकर पैदा हुई नई आशंकाओं का पड़ा।
बाजार में बिकवाली उस समय और तेज हो गई जब OpenAI ने 4 अरब डॉलर के निवेश के साथ नई एंटरप्राइज AI डिप्लॉयमेंट कंपनी शुरू करने की घोषणा की। इस कदम ने भारतीय आईटी कंपनियों के भविष्य को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ा दी, क्योंकि नई AI सेवाएं पारंपरिक आईटी आउटसोर्सिंग और कंसल्टिंग मॉडल के लिए बड़ी चुनौती मानी जा रही हैं।
कारोबार के अंत में 30 शेयरों वाला BSE Sensex 1,456.04 अंक यानी 1.92 प्रतिशत टूटकर 74,559.24 पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 436.30 अंक यानी 1.83 प्रतिशत गिरकर 23,379.55 पर आ गया और 23,400 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे बंद हुआ।
पिछले चार कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स करीब 2.5 प्रतिशत और निफ्टी 2.1 प्रतिशत से अधिक गिर चुका है, जिससे निवेशकों की संपत्ति में भारी कमी आई है।
बाजार पर सबसे अधिक दबाव दिग्गज कंपनियों Reliance Industries, HDFC Bank और ICICI Bank के शेयरों में गिरावट का रहा।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी भारी बिकवाली
केवल बड़े शेयर ही नहीं बल्कि व्यापक बाजार में भी तेज गिरावट देखने को मिली। बीएसई मिडकैप इंडेक्स 2.56 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 2.95 प्रतिशत टूट गया। बाजार में गिरावट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीएसई पर 3,412 शेयर लाल निशान में बंद हुए जबकि केवल 869 शेयरों में तेजी रही।
बाजार में घबराहट का संकेत देने वाला इंडिया VIX इंडेक्स करीब 4 प्रतिशत बढ़कर 19.28 पर पहुंच गया।
कच्चे तेल और रुपये ने बढ़ाई चिंता
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 3 प्रतिशत से अधिक उछलकर 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका गहरा गई है। भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए यह स्थिति महंगाई और चालू खाते के घाटे को बढ़ाने वाली मानी जा रही है।
विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया भी दबाव में रहा और डॉलर के मुकाबले 95 के करीब पहुंच गया। कमजोर रुपये से आयात महंगा होने और महंगाई बढ़ने की आशंका ने निवेशकों को और सतर्क बना दिया है।
| Index | Closing Value | Change (Points) | Change (%) |
| S&P BSE Sensex | 74,559.24 | -1,456.04 | -1.92% |
| Nifty 50 | 23,379.55 | -436.30 | -1.83% |
| BSE MidCap 150 | — | — | -2.56% |
| BSE SmallCap 250 | — | — | -2.95% |
AI के डर से आईटी सेक्टर में भारी गिरावट
आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। निवेशकों को आशंका है कि AI आधारित नई सेवाएं भारतीय आईटी कंपनियों के पारंपरिक बिजनेस मॉडल को प्रभावित कर सकती हैं।
निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 4 प्रतिशत टूट गया। LTIMindtree, Tech Mahindra, HCL Technologies, Infosys और Tata Consultancy Services जैसे दिग्गज शेयरों में 3 से 5 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
चुनिंदा शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव
One MobiKwik Systems का शेयर 11 प्रतिशत टूट गया, हालांकि कंपनी ने घाटे से मुनाफे में वापसी की घोषणा की थी। वहीं Paradeep Phosphates और Satin Creditcare Network के शेयरों में मजबूत तेजी देखी गई।
दूसरी ओर Indian Hotels Company, G R Infraprojects और Aurionpro Solutions जैसे शेयरों में भारी गिरावट रही।
वैश्विक तनाव से आगे भी बनी रह सकती है अस्थिरता
विश्लेषकों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक भारतीय बाजारों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली, महंगे तेल और कमजोर रुपये का दबाव आने वाले दिनों में भी बाजार की दिशा तय करेगा।
