Last Updated on June 15, 2026 12:47 am by INDIAN AWAAZ

Reprters / New Desk अयोध्या/लखनऊ
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र से कथित धन गबन और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। सरकार ने जांच टीम को प्रारंभिक रिपोर्ट सात दिनों में और अंतिम रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
यह कदम उस समय उठाया गया है जब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने हाल में सामने आए कथित दान गड़बड़ी के आरोपों को अफवाह बताते हुए पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने का अनुरोध किया था।
तीन सदस्यीय SIT करेगी जांच
सरकार द्वारा गठित जांच दल में निम्न अधिकारी शामिल किए गए हैं—
- विजय विश्वास पंत (IAS), मंडलायुक्त, लखनऊ
- किरन एस (IPS), आईजी रेंज
- नील रतन, विशेष सचिव, वित्त विभाग
जांच का उद्देश्य यह स्पष्ट करना होगा कि मंदिर के दानपात्र से धन के कथित गबन या चोरी के आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या वित्तीय प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की अनियमितता हुई।
क्या है पूरा मामला?
कुछ दिनों पहले अयोध्या राम मंदिर के दानपात्र से लगभग सात करोड़ रुपये की कथित अनियमितता या गबन की खबरें सामने आई थीं। इस मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों, विशेषकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सरकार और ट्रस्ट पर सवाल उठाए, जिसके बाद मामला राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया।
इन आरोपों के बीच ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सार्वजनिक रूप से कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि तथ्यों की स्पष्टता सामने आ सके।
छापेमारी और नकदी बरामदगी का दावा
इस बीच जांच एजेंसियों द्वारा रुदौली क्षेत्र के मीनापुर ठकुरन फगौली गांव में कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई। स्थानीय स्तर पर यह दावा किया गया कि एक पूर्व मंदिर कर्मी के घर से नकदी बरामद की गई।
आरोपों के केंद्र में रहे 27 वर्षीय लवकुश मिश्रा पूर्व में राम मंदिर में कर्मी के रूप में कार्यरत बताए गए हैं। उन पर दानपात्र से जुड़े धन के कथित गबन का आरोप लगाया गया है।
हालांकि, आरोपी के परिवार ने किसी भी वित्तीय अनियमितता से इनकार किया है। लवकुश के पिता बच्चूलाल ने कहा कि उनके परिवार की संपत्ति और निर्माण कार्य का उनके बेटे की नौकरी या मंदिर से कोई संबंध नहीं है। उनका दावा है कि मकान निर्माण के लिए उन्होंने अपनी कृषि भूमि गिरवी रखी है।
दान विवाद पर टिप्पणी से बचे नृपेंद्र मिश्र
इसी बीच श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र अयोध्या पहुंचे। मीडिया द्वारा दानपात्र विवाद पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा—
“मैं केवल निर्माण कार्य देखता हूं और उससे जुड़े विषयों पर ही ध्यान देता हूं।”
उन्होंने मंदिर परिसर में चल रही विभिन्न परियोजनाओं—बाउंड्री वॉल, ट्रस्ट कार्यालय, श्रद्धालु विश्रामालय, शंकराचार्य द्वार और अन्य अधोसंरचना कार्यों की समीक्षा भी की। अब सभी की निगाहें SIT की जांच रिपोर्ट पर हैं, जिससे यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि दान राशि से जुड़े आरोपों में कितना तथ्यात्मक आधार है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
