Last Updated on June 30, 2026 3:42 pm by INDIAN AWAAZ
“राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन” में 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री पहली बार एक साथ, एक मंच पर जुटे

एस एन वर्मा / S N VERMA
नई दिल्ली।नई दिल्ली के पूसा परिसर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन “ग्रामोदय से राष्ट्रोदय” के दूसरे दिन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देशभर से आए 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ व्यापक मंथन किया। सम्मेलन में न केवल योजनाओं की समीक्षा हुई, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में “विकसित ग्राम–विकसित भारत” के विजन को जमीन पर उतारने के लिए ठोस रणनीतियाँ भी सामने आईं। इस अवसर पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि गाँव केवल धूल-मिट्टी या चौपाल का नाम नहीं, गाँव भारत की शक्ति, भारत की चेतना और भारत की आत्मा हैं। उन्होंने कहा कि अगर हमें समृद्ध और विकसित भारत बनाना है तो गाँव को समृद्ध और विकसित बनाए बिना काम नहीं चलेगा, गाँव की प्रगति के बिना देश की प्रगति संभव नहीं है।
पहली बार एक मंच पर देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और नीति-निर्माता एक साथ जुटे। केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासामी तथा श्कमलेश पासवान और उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों और अन्य वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह सहकारी संघवाद का जीवंत उदाहरण रहा, जहाँ राजनीतिक भिन्नताओं से ऊपर उठकर विकास पर फोकस किया गया।
केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने घोषणा की कि 1 जुलाई से “विकसित भारत- जी राम जी” योजना देशभर में लागू होगी, जो मनरेगा की जगह लेगी। इसके लिए ₹95,682 करोड़ की अंतरिम स्वीकृति दी जा चुकी है। उन्होंने राज्यों से अपील की कि वे समय पर अपनी औपचारिकताएँ पूरी करें ताकि योजना का सुचारू क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
सम्मेलन में “लखपति दीदी डैशबोर्ड” लॉन्च किया गया और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए “SHE LEAPS” डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ करते हुए शिवराज सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए अगले 5 वर्षों में ₹10 लाख करोड़ का बैंक लिंकिंग रोडमैप तैयार किया गया है।
शिवराज सिंह चौहान ने संभावित कम बारिश को लेकर 14 राज्यों के लिए चेतावनी जारी की। उन्होंने जल संरक्षण संरचनाओं को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त रोजगार की तैयारी रखने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी स्थिति से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह समय प्रतिस्पर्धा का नहीं, बल्कि सहभागिता का है। केंद्र नीति बनाए, राज्य उसे लागू करें, पंचायत नेतृत्व करे और जनता सहभागी बने- इसी मॉडल से ग्रामीण भारत की तस्वीर और तकदीर बदली जा सकती है ।
सम्मेलन में VB- G RAM G से जुड़े लोगो डिजाइन, क्विज और डिजिटल कंटेंट प्रतियोगिताओं के विजेताओं को शिवराज सिंह चौहान द्वारा सम्मानित किया गया। साथ ही पुस्तकों का विमोचन भी हुआ, जो ग्रामीण विकास के नए विचारों और मॉडलों को आगे बढ़ाने का संकेत है।
