ढाका से जाकिर हुसैन

ढाका के पल्लबी में एक मासूम बच्ची के साथ हुए क्रूर बलात्कार और हत्या ने पूरे देश में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। इसी बीच, एक मानवाधिकार संगठन ने बांग्लादेश में बाल शोषण, बलात्कार और हत्याओं के मामलों में आई तेज बढ़त को लेकर चेतावनी दी है।

‘ऐन ओ सालिश केंद्र’ (ASK) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तरह की बढ़ती घटनाएं “हिंसा की कोई छिटपुट हरकतें नहीं हैं, बल्कि यह सरकारी सुरक्षा तंत्र और सामाजिक जवाबदेही की एक बड़ी विफलता को दर्शाती हैं।”

ASK के आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से 20 मई 2026 के बीच कम से कम 118 बच्चों के साथ बलात्कार किया गया, जबकि 46 बच्चे बलात्कार के प्रयास में बच निकलने में सफल रहे। इसी अवधि के दौरान बलात्कार या बलात्कार के प्रयास के बाद कम से कम 17 बच्चों की हत्या कर दी गई।

संगठन ने रेखांकित किया कि बांग्लादेश का संविधान अनुच्छेद 28 और 32 के तहत बच्चों को जीवन, गरिमा और सुरक्षा के अधिकार की गारंटी देता है, साथ ही राष्ट्रीय बाल नीति 2011 और संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार सम्मेलन के तहत भी उन्हें सुरक्षा प्राप्त है। हालांकि, संगठन का कहना है कि कमजोर जांच और लंबी न्यायिक प्रक्रियाओं के कारण न्याय मिलने में देरी हो रही है, जिससे जनता का भरोसा डगमगा रहा है।

ASK ने त्वरित सुनवाई (फास्ट-ट्रैक ट्रायल), राजनीतिक या सामाजिक प्रभाव से मुक्त स्वतंत्र और पारदर्शी जांच, तथा बाल संरक्षण कानूनों को कड़ाई से लागू करते हुए स्कूलों, घरों और डिजिटल स्पेस में सुरक्षा के कड़े उपाय करने की मांग की है।

देश भर में उपजा यह ताजा आक्रोश पल्लबी में सात वर्षीय रामीसा अख्तर की हत्या के बाद भड़का है। पुलिस ने बताया कि बच्ची का शव एक पड़ोसी के फ्लैट में बिस्तर के नीचे से बरामद किया गया था, जबकि उसका कटा हुआ सिर बाद में एक बाथरूम से मिला।

इस मामले के मुख्य आरोपी सोहेल राणा को गिरफ्तार कर लिया गया है। खबरों के मुताबिक, उसने धारा 164 के तहत अपना जुर्म कबूल करते हुए बलात्कार और हत्या की बात स्वीकार की है। उसकी पत्नी स्वप्ना खातून को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने गुरुवार रात पीड़िता के घर जाकर शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस घटना के बाद त्वरित न्याय और कड़ी से कड़ी सजा की मांग को लेकर पूरे ढाका और अन्य जिलों में विरोध प्रदर्शन, मानव श्रृंखला और रैलियां निकाली जा रही हैं।

एक बड़े कदम के रूप में, ढाका बार एसोसिएशन ने घोषणा की है कि उनका कोई भी सदस्य इस मामले में आरोपियों की पैरवी (कानूनी बचाव) नहीं करेगा।

गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि रविवार तक चार्जशीट दाखिल होने की उम्मीद है और सीआईडी ​​प्रयोगशाला में डीएनए जांच की जा रही है। उन्होंने कहा, “हम जल्द से जल्द सुनवाई और अधिकतम सजा सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं।” इसके साथ ही उन्होंने बताया कि बाल बलात्कार और हत्या से जुड़े कानूनों में संशोधनों पर भी विचार किया जा रहा है।

सरकार ने पीड़िता की जीवित बची बहन को शिक्षा और कल्याणकारी सहायता सहित पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन भी दिया है।