
हमारे बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट द्वारा
सकारात्मक वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा केंद्र सरकार को उम्मीद से अधिक सरप्लस ट्रांसफर (लाभांश) की मंजूरी से घरेलू शेयर बाजारों में शुक्रवार को मामूली बढ़त दर्ज की गई।
बीएसई (BSE) का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 231.99 अंक (0.31%) मजबूत होकर 75,415.35 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 इंडेक्स 64.60 अंक (0.27%) की बढ़त के साथ 23,719.30 पर बंद हुआ। हालांकि, इंट्राडे के दौरान निफ्टी 23,835.65 के ऊपरी स्तर तक पहुंचा था, लेकिन आखिरी घंटों में मुनाफावसूली और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली के चलते बाजार ने अपनी शुरुआती बढ़त का कुछ हिस्सा गंवा दिया।
मैक्रो आउटलुक: RBI से सरकार को बड़ी वित्तीय राहत
गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई आरबीआई केंद्रीय बोर्ड की 623वीं बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए केंद्र सरकार को ₹2.87 लाख करोड़ का सरप्लस ट्रांसफर करने की मंजूरी दी गई। यह पिछले वित्त वर्ष (FY25) के ₹2.69 लाख करोड़ के ट्रांसफर से 6.6% अधिक है।
आरबीआई की कुल आय में सालाना आधार पर 26.42% का उछाल आया है, जिससे 31 मार्च 2026 तक केंद्रीय बैंक की बैलेंस शीट 20.61% बढ़कर ₹91.97 लाख करोड़ पर पहुंच गई। इस बंपर सरप्लस से सरकार को राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को नियंत्रित करने में बड़ी मदद मिलेगी।
बाजार के मुख्य आंकड़े
- मार्केट ब्रेथ (Market Breadth): बाजार का रुझान सकारात्मक रहा। बीएसई पर 2,168 शेयरों में तेजी और 2,027 शेयरों में गिरावट देखी गई, जबकि 174 शेयर अपरिवर्तित रहे।
- ब्रॉडर मार्केट: बीएसई मिडकैप इंडेक्स में 0.11% की मामूली बढ़त रही, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.26% की गिरावट के साथ बंद हुआ।
- क्रूड ऑयल: जुलाई डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड $104.90 प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था। $110 के हालिया उच्च स्तर से आई यह गिरावट भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए बड़ी राहत है।
- रुपया और यील्ड: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया मजबूत होकर 95.6825 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, भारत के 10 वर्षीय बेंचमार्क बॉन्ड की यील्ड 52 बेसिस पॉइंट गिरकर 7.081% पर आ गई।
वैश्विक संकेत
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीदों से वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल देखा गया। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बातचीत में प्रगति के संकेत दिए हैं। हालांकि, ईरान के सर्वोच्च नेता द्वारा देश से संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) बाहर न भेजने के निर्देश की खबरों ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क भी रखा।
दूसरी ओर, जापान में मुख्य मुद्रास्फीति (Core Inflation) अप्रैल में घटकर 1.4% पर आ गई, जो मार्च 2022 के बाद का सबसे निचला स्तर है। इससे बैंक ऑफ जापान द्वारा जल्द ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना कमजोर हुई है।
सुर्खियों में रहने वाले प्रमुख शेयर्स
- बैंकिंग और फाइनेंस: निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 1.49% की तेजी रही, जिसमें एक्सिस बैंक (+2.69%), आरबीएल बैंक (+2.13%) और आईसीआईसीआई बैंक (+1.96%) प्रमुख रहे। चौथी तिमाही में शुद्ध लाभ 23.3% बढ़ने के कारण एलआईसी (LIC) का शेयर भी 1.59% चढ़कर बंद हुआ।
- कमाई में आगे रहने वाले शेयर्स: 3M इंडिया का नेट प्रॉफिट चौथी तिमाही में 201.73% उछलकर ₹215.34 करोड़ रहा, जिसके बाद शेयर 3.46% बढ़ा। कंपनी ने ₹506 प्रति शेयर के भारी-भरकम डिविडेंड की भी घोषणा की है। मजबूत नतीजों के दम पर लक्ष्मी डेंटल और रामको सिस्टम्स के शेयरों में 20% का अपर सर्किट लगा।
- सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (-7.81%): सरकार द्वारा बैंक में 8% हिस्सेदारी बेचने के लिए ₹31 प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर ऑफर फॉर सेल (OFS) लाने के बाद इसके शेयर गिरकर ₹31.27 पर आ गए। हालांकि, गैर-खुदरा (Non-Retail) हिस्से को पहले दिन 235.88% का शानदार सब्सक्रिप्शन मिला।
- मारुति सुजुकी इंडिया (-0.18%): लागत में लगातार बढ़ोतरी और मुद्रास्फीति के दबाव के कारण कंपनी द्वारा कारों की कीमतों में ₹30,000 तक की वृद्धि की घोषणा के बाद शेयर में मामूली गिरावट देखी गई।
- क्विक हील टेक्नोलॉजीज (-7.06%): चौथी तिमाही में कंपनी का शुद्ध घाटा (Net Loss) बढ़कर ₹19.94 करोड़ होने के कारण इसके शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई।
