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नई दिल्ली, 13 मई: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बुधवार को शैक्षणिक सत्र 2025-26 के कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए। इस वर्ष कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 85.20 प्रतिशत दर्ज किया गया।

बोर्ड के अनुसार छात्र अपने परिणाम सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट, विभिन्न रिजल्ट पोर्टल, डिजिलॉकर तथा उमंग ऐप के माध्यम से देख सकते हैं। डिजिटल मार्कशीट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट और पासिंग सर्टिफिकेट भी डिजिलॉकर पर उपलब्ध करा दिए गए हैं, जिन्हें प्रवेश और अन्य आधिकारिक कार्यों के लिए वैध माना जाएगा।

सीबीएसई ने बताया कि इस वर्ष परीक्षाओं का आयोजन भारत और विदेशों में सुचारु रूप से किया गया। वर्तमान में बोर्ड के 27 देशों में संबद्ध विद्यालय हैं। वरिष्ठ माध्यमिक स्तर पर बोर्ड ने 120 विषयों की परीक्षा आयोजित की, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बोर्डों में सबसे अधिक विषयों में शामिल है।

इस वर्ष मूल्यांकन प्रक्रिया की प्रमुख विशेषता कक्षा 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं के लिए ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली का प्रयोग रहा। बोर्ड के अनुसार डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली से अंक जोड़ने और अपलोडिंग संबंधी त्रुटियों में कमी आई तथा उत्तर पुस्तिकाओं का अधिक पारदर्शी और प्रभावी मूल्यांकन संभव हो सका।

सीबीएसई ने बताया कि लगभग 98.66 लाख उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करीब 70 हजार परीक्षकों, 17,500 सहायक प्रधान परीक्षकों और 3,889 प्रधान परीक्षकों की मदद से किया गया।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले विद्यार्थियों के लिए बोर्ड ने विशेष परीक्षा का आयोजन भी किया। इसके अलावा पश्चिम एशियाई देशों के छात्रों के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की गईं।

परीक्षाओं के सुचारु संचालन के लिए बोर्ड ने पहली डेटशीट परीक्षा शुरू होने से 109 दिन पहले जारी की थी, जबकि संशोधित कार्यक्रम 47 दिन पहले जारी किया गया। बोर्ड के अनुसार इस सत्र में छात्रों ने 40 हजार से अधिक विषय संयोजन चुने।

सीबीएसई ने यह भी बताया कि प्रत्येक विषय में शीर्ष 0.1 प्रतिशत छात्रों को डिजिलॉकर के माध्यम से मेरिट सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगे।

बोर्ड के अनुसार पुनर्मूल्यांकन और अन्य पोस्ट-रिजल्ट सुविधाएं 18 मई 2026 से शुरू होंगी, जिनकी विस्तृत जानकारी बाद में ऑनलाइन जारी की जाएगी।