Last Updated on October 27, 2026 11:02 pm by INDIAN AWAAZ
मिडकैप-स्मॉलकैप में लौटी खरीदारी

हमारे बिजनेस संवाददाता से
मासिक डेरिवेटिव्स एक्सपायरी के दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार सीमित दायरे में कारोबार के बाद लगभग सपाट बंद हुआ। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव, 116 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बने हुए कच्चे तेल के भाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति बैठक से पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। हालांकि प्रमुख सूचकांकों में ज्यादा बदलाव नहीं दिखा, लेकिन व्यापक बाजार में मजबूती बरकरार रही।
सेंसेक्स-निफ्टी लगभग स्थिर
बीएसई सेंसेक्स 8.08 अंक या 0.01 प्रतिशत फिसलकर 73,598.67 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 सूचकांक 3.45 अंक या 0.02 प्रतिशत गिरकर 22,749.75 पर बंद हुआ। दिनभर कारोबार में उतार-चढ़ाव बना रहा, लेकिन किसी स्पष्ट दिशा का अभाव दिखाई दिया।
व्यापक बाजार ने दिखाई ताकत
जहां लार्जकैप शेयर दबाव में रहे, वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही। निफ्टी मिडकैप 150 सूचकांक 1.01 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 250 सूचकांक 2.01 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।
बीएसई पर बाजार की चौड़ाई मजबूत रही। कुल 2,946 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 1,370 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
बैंकिंग दिग्गज बने सबसे बड़े बाधक
निफ्टी पर सबसे अधिक दबाव बैंकिंग शेयरों से आया। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे। इन शेयरों में कमजोरी के कारण सूचकांकों को पर्याप्त समर्थन नहीं मिल सका।
मीडिया और रियल्टी सेक्टर में खरीदारी
सेक्टोरल आधार पर मीडिया शेयरों में सबसे अधिक तेजी रही। इसके अलावा रियल्टी और फार्मा कंपनियों के शेयरों में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली।
इसके विपरीत आईटी, ऑयल एंड गैस तथा निजी बैंकों के शेयरों में मुनाफावसूली और दबाव का माहौल रहा।
कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बनी चुनौती
ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 116 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। तेल कीमतों में लगातार बढ़ोतरी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय बनी हुई है क्योंकि इससे आयात बिल, महंगाई और चालू खाता घाटा प्रभावित हो सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि पश्चिम एशिया के हालात में किसी भी नई उथल-पुथल का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता पर पड़ सकता है।
रुपये और बॉन्ड बाजार में सतर्कता
रुपया डॉलर के मुकाबले मामूली कमजोरी के साथ 95.19 के स्तर के आसपास कारोबार करता रहा। वहीं 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड प्रतिफल बढ़कर 7.487 प्रतिशत पर पहुंच गया।
सोने में मुनाफावसूली देखने को मिली और एमसीएक्स गोल्ड फ्यूचर्स करीब 0.5 प्रतिशत कमजोर होकर बंद हुए।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
एशियाई शेयर बाजारों ने मिश्रित प्रदर्शन किया। दक्षिण कोरिया की अर्थव्यवस्था ने तीसरी तिमाही में 3.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो पिछली तिमाही की तुलना में धीमी रही। हालांकि सेमीकंडक्टर निर्यात और निवेश गतिविधियों ने वृद्धि को सहारा दिया।
यूरोप और अमेरिका से मिलेजुले संकेत
यूरोपीय बाजारों में बढ़त रही, लेकिन निवेशकों की निगाहें केंद्रीय बैंकों के आगामी फैसलों और ऊर्जा बाजार की परिस्थितियों पर टिकी रहीं।
अमेरिका में सोमवार को वॉल स्ट्रीट मजबूती के साथ बंद हुआ। डॉव जोन्स, एसएंडपी 500 और नैस्डैक सभी प्रमुख सूचकांकों में बढ़त दर्ज की गई। टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों में खरीदारी प्रमुख आकर्षण रही।
एआई थीम फिर चर्चा में
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी एंथ्रोपिक के आईपीओ दस्तावेज दाखिल होने के बाद वैश्विक टेक शेयरों में नई ऊर्जा देखने को मिली। कंपनी की तेज राजस्व वृद्धि ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया, हालांकि एआई क्षेत्र में भारी पूंजीगत निवेश और लागत को लेकर चिंताएं भी बनी हुई हैं।
मारुति के नतीजों पर निवेशकों का भरोसा
मारुति सुजुकी इंडिया के शेयर 2 प्रतिशत से अधिक बढ़े। तिमाही लाभ में गिरावट के बावजूद रिकॉर्ड बिक्री और मजबूत राजस्व वृद्धि ने निवेशकों का भरोसा कायम रखा।
कंपनी ने कच्चे माल की बढ़ी लागत और पश्चिम एशिया संकट से जुड़े दबावों का उल्लेख किया, लेकिन मांग की मजबूती सकारात्मक संकेत देती है।
फार्मा शेयरों में चमक
मैनकाइंड फार्मा, वनसोर्स स्पेशियलिटी फार्मा और अन्य दवा कंपनियों के बेहतर नतीजों ने फार्मा क्षेत्र को मजबूती दी।
मैनकाइंड फार्मा के शेयर 8 प्रतिशत से अधिक चढ़े, जबकि वनसोर्स स्पेशियलिटी फार्मा करीब 14 प्रतिशत उछला।
ऑटो-कंपोनेंट कंपनियों में तेजी
सोना बीएलडब्ल्यू प्रिसिजन फोर्जिंग्स के रिकॉर्ड राजस्व और लाभ ने निवेशकों को प्रभावित किया। कंपनी के शेयर लगभग 9 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुए।
बड़े ऑर्डर से वाबाग में उछाल
वीए टेक वाबाग के शेयरों में 7 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। कंपनी को रिलायंस इंडस्ट्रीज से गुजरात के जामनगर में समुद्री जल शोधन एवं री-मिनरलाइजेशन परियोजना का बड़ा ठेका मिला है।
घाटे से एइक्वस पर दबाव
एइक्वस के शेयर लगभग 10 प्रतिशत टूट गए। कंपनी का घाटा बढ़ने से निवेशकों की धारणा कमजोर हुई, हालांकि राजस्व वृद्धि मजबूत रही।
IPO बाजार में चुनिंदा रुचि
प्राथमिक बाजार में निवेशकों का रुख मिश्रित रहा। बीएलएस पॉलिमर्स के आईपीओ को जोरदार प्रतिक्रिया मिली और यह कई गुना सब्सक्राइब हुआ।
वहीं ईएएए इंडिया अल्टरनेटिव्स और एसएफसी एनवायरनमेंटल टेक्नोलॉजीज के सार्वजनिक निर्गम को अपेक्षाकृत कमजोर प्रतिक्रिया मिली।
आगे क्या?
बाजार सहभागियों की निगाहें अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले, कच्चे तेल की कीमतों, पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति और आगामी कॉर्पोरेट नतीजों पर टिकी रहेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि निकट अवधि में बाजार शेयर-विशिष्ट गतिविधियों और आय आधारित ट्रिगर्स से संचालित हो सकता है, जबकि व्यापक बाजार की मजबूती निवेशकों का भरोसा बनाए रख सकती है।
अस्वीकरण: यह रिपोर्ट केवल समाचार एवं सूचना के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसे निवेश सलाह या किसी प्रतिभूति की खरीद-बिक्री की सिफारिश नहीं माना जाना चाहिए। निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।
