AMN / पटना

बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अपने पहले ही चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को करीब 19 हजार वोटों से हरा दिया। इस जीत के साथ बीजेपी का बांकीपुर सीट पर लगभग तीन दशक पुराना दबदबा खत्म हो गया है। इसे बिहार विधानसभा चुनाव से पहले प्रशांत किशोर के लिए बड़ी राजनीतिक सफलता माना जा रहा है।

बांकीपुर सीट बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद खाली हुई थी। राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में लंबा अनुभव रखने वाले प्रशांत किशोर ने इसी सीट से पहली बार चुनावी मैदान में उतरकर सीधे बीजेपी के मजबूत गढ़ को चुनौती दी और जीत हासिल कर ली।

इस उपचुनाव में मुकाबला त्रिकोणीय था, जिसमें बीजेपी, जन सुराज पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) आमने-सामने थे। मतगणना की शुरुआत से ही प्रशांत किशोर बढ़त बनाए रहे और अंततः आरामदायक अंतर से जीत दर्ज करते हुए बीजेपी को बड़ा राजनीतिक झटका दिया।

वहीं, गुजरात की मंजलपुर विधानसभा सीट पर बीजेपी ने अपना कब्जा बरकरार रखा। बीजेपी उम्मीदवार सतीश पटेल ने कांग्रेस के भिखाभाई रबारी को 30 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराकर पार्टी की मजबूत पकड़ कायम रखी।

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर मतगणना के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह बीजेपी के आशीष (अशुतोष) तिवारी पर बढ़त बनाए हुए थे। यह सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की धोखाधड़ी मामले में सजा के बाद अयोग्यता के चलते खाली हुई थी।

30 जुलाई को बिहार, गुजरात और मध्य प्रदेश की इन तीनों विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव को तीनों प्रमुख दलों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई माना जा रहा था। जहां गुजरात में बीजेपी ने अपनी सीट बचाने में सफलता हासिल की, वहीं बिहार के बांकीपुर में प्रशांत किशोर की जीत सबसे बड़ी राजनीतिक घटना बनकर उभरी है। इस नतीजे को बिहार की बदलती राजनीतिक तस्वीर और आगामी विधानसभा चुनावों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।