हमारे व्यापार संवाददाता से

घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को लगातार दूसरे कारोबारी सप्ताह की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंकों के तिमाही नतीजों के बाद उनमें आई तेज बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाया, जिसके चलते निफ्टी 24,250 अंक के नीचे बंद हुआ। हालांकि अधिकांश निजी बैंकों ने जून तिमाही में मुनाफे में वृद्धि दर्ज की, लेकिन निवेशकों ने उनके मार्जिन, आय की गुणवत्ता और भविष्य के प्रदर्शन को लेकर सतर्क रुख अपनाया।

वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत, पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने भी निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित किया। इसके बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी जारी रही, जिससे व्यापक बाजार (ब्रॉडर मार्केट) ने प्रमुख सूचकांकों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया।

कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 442.93 अंक यानी 0.57 प्रतिशत गिरकर 77,708.52 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 95.80 अंक यानी 0.39 प्रतिशत फिसलकर 24,238.50 पर आ गया।

निजी बैंक बने गिरावट की सबसे बड़ी वजह

सोमवार के कारोबार में सबसे अधिक दबाव निजी बैंकिंग शेयरों पर देखने को मिला। निवेशकों ने तिमाही नतीजों के बावजूद मुनाफावसूली की, जिससे बैंकिंग इंडेक्स कमजोर रहा।

एक्सिस बैंक के शेयर 5.37 प्रतिशत टूट गए, जबकि बैंक का पहली तिमाही का शुद्ध लाभ 22.52 प्रतिशत बढ़कर 7,113.92 करोड़ रुपये रहा। कुल आय भी बढ़कर 40,721.05 करोड़ रुपये हुई, लेकिन बाजार ने भविष्य की आय और नेट इंटरेस्ट मार्जिन को लेकर सतर्कता दिखाई।

देश के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी बैंक का शेयर 5.08 प्रतिशत गिर गया। बैंक का शुद्ध लाभ 4.98 प्रतिशत बढ़कर 19,059.72 करोड़ रुपये रहा, लेकिन कुल आय 7.08 प्रतिशत घटकर 92,184.38 करोड़ रुपये रहने से निवेशकों ने मुनाफावसूली की।

कोटक महिंद्रा बैंक का शेयर 1.96 प्रतिशत कमजोर हुआ, जबकि बैंक ने पहली तिमाही में 25.63 प्रतिशत की लाभ वृद्धि दर्ज की।

इसी प्रकार यस बैंक के शेयर 2.80 प्रतिशत तथा आईडीबीआई बैंक के शेयर 2.10 प्रतिशत गिर गए।

हालांकि आईसीआईसीआई बैंक इस रुझान से अलग रहा। बैंक का शुद्ध लाभ लगभग 16 प्रतिशत बढ़ने के बाद उसका शेयर 1.16 प्रतिशत मजबूत होकर बंद हुआ।

विश्लेषकों का मानना है कि निजी बैंकों में आई गिरावट मुख्यतः मुनाफावसूली का परिणाम थी और इससे बैंकिंग क्षेत्र की दीर्घकालिक बुनियादी स्थिति पर कोई नकारात्मक संकेत नहीं मिलता।

पीएसयू बैंक बने बाजार के सितारे

जहां निजी बैंक दबाव में रहे, वहीं सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली।

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) का शेयर 5.61 प्रतिशत उछल गया। बैंक ने पहली तिमाही में 213.63 प्रतिशत की रिकॉर्ड लाभ वृद्धि दर्ज करते हुए 5,253.29 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया। मजबूत परिणामों के बाद निवेशकों ने पीएसयू बैंकिंग शेयरों में जमकर खरीदारी की।

आरबीएल बैंक के शेयर भी हल्की बढ़त के साथ बंद हुए।

सेक्टोरल आधार पर पीएसयू बैंक, फार्मा और ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि निजी बैंक सबसे कमजोर क्षेत्र रहे।

व्यापक बाजार ने दिखाई मजबूती

प्रमुख सूचकांकों में गिरावट के बावजूद व्यापक बाजार में सकारात्मक माहौल बना रहा।

बीएसई मिडकैप इंडेक्स 0.47 प्रतिशत तथा स्मॉलकैप इंडेक्स 0.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों का भरोसा घरेलू विकास से जुड़े मध्यम और छोटी कंपनियों पर बना हुआ है।

बीएसई पर बाजार की चौड़ाई (मार्केट ब्रेड्थ) भी सकारात्मक रही। कुल 2,226 शेयरों में बढ़त, 2,039 में गिरावट, जबकि 255 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए।

वहीं, बाजार की अस्थिरता मापने वाला इंडिया वीआईएक्स 1.29 प्रतिशत घटकर 12.98 पर आ गया, जिससे संकेत मिला कि निवेशकों में घबराहट सीमित रही।

मानसून सत्र की हलचल पर भी रही नजर

निवेशकों की नजर संसद के मानसून सत्र पर भी रही, जिसकी शुरुआत सोमवार को विपक्ष के तीखे विरोध के बीच हुई।

विपक्ष ने राम मंदिर चंदा, परीक्षा पत्र लीक और एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति अपनाई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने की अपील की।

13 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में कई महत्वपूर्ण आर्थिक और विधायी विषयों पर चर्चा होने की संभावना है, जिनका असर निवेशकों की धारणा पर भी पड़ सकता है।

विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक खबर यह रही कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अनुसार 10 जुलाई 2026 को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 96.4 करोड़ डॉलर बढ़कर 675.157 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां बढ़कर 546.508 अरब डॉलर हो गईं, जबकि स्वर्ण भंडार 105.223 अरब डॉलर तक पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में भारत की आरक्षित स्थिति में भी मामूली वृद्धि दर्ज की गई।

विशेषज्ञों के अनुसार मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में भारतीय अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रदान करता है।

बॉन्ड, रुपया और जिंस बाजार

सरकारी बॉन्ड बाजार में 10 वर्षीय बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 6.782 प्रतिशत रही।

विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया कमजोर होकर 96.45 प्रति डॉलर के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया।

सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से एमसीएक्स गोल्ड अगस्त वायदा 0.66 प्रतिशत बढ़कर 1,41,793 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया।

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 100.81 पर स्थिर रहा, जबकि अमेरिकी 10 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 4.556 प्रतिशत तक पहुंच गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड लगभग 88 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना रहा। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।

वैश्विक बाजारों पर भू-राजनीतिक संकट का असर

अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष लगातार नौवें दिन भी जारी रहा। दोनों देशों के बीच हमलों और जवाबी कार्रवाई से पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने की खबरों ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। तेल की ऊंची कीमतों के कारण वैश्विक महंगाई फिर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

हालांकि हाल के अमेरिकी महंगाई आंकड़े अपेक्षा से बेहतर रहे, लेकिन बाजार अब भी इस वर्ष अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा एक और ब्याज दर वृद्धि की संभावना देख रहा है। फ्यूचर्स बाजार सितंबर में दर वृद्धि की लगभग 60 प्रतिशत संभावना का संकेत दे रहे हैं।

एशियाई बाजार मिश्रित रहे, जबकि अधिकांश यूरोपीय बाजार बढ़त में कारोबार करते दिखाई दिए। शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट में भी प्रौद्योगिकी शेयरों में कमजोरी के कारण प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए थे।

तिमाही नतीजों के बाद इन शेयरों में रही हलचल

अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर बेहतर तिमाही नतीजों के बाद 1.48 प्रतिशत चढ़े।

महिंद्रा लॉजिस्टिक्स ने घाटे से मुनाफे में वापसी की, जिसके बाद उसके शेयर 2.49 प्रतिशत मजबूत हुए।

तत्व चिंतन फार्मा केम के शेयर शानदार तिमाही परिणामों के बाद 20 प्रतिशत के अपर सर्किट तक पहुंच गए।

भंसाली इंजीनियरिंग पॉलिमर्स के शेयर 12 प्रतिशत से अधिक उछले क्योंकि कंपनी ने आय और लाभ दोनों में मजबूत वृद्धि दर्ज की।

टिप्स म्यूजिक के शेयर 6.65 प्रतिशत बढ़े। कंपनी ने 22 जुलाई को होने वाली बोर्ड बैठक में शेयर बायबैक प्रस्ताव पर विचार करने की घोषणा की है।

IPO बाजार में निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी

प्राथमिक बाजार में निवेशकों का उत्साह लगातार बना हुआ है।

कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स के आईपीओ को सोमवार तक 23.02 गुना अभिदान (सब्सक्रिप्शन) प्राप्त हुआ। कंपनी के 78.35 लाख शेयरों के मुकाबले निवेशकों ने 18.04 करोड़ से अधिक शेयरों के लिए बोलियां लगाईं।

17 जुलाई को खुला यह आईपीओ 21 जुलाई को बंद होगा। इसका मूल्य दायरा 402 से 424 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया गया है।

आगे की राह

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर कॉरपोरेट आय, पश्चिम एशिया की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति पर रहेगी। घरेलू अर्थव्यवस्था के मजबूत बुनियादी संकेतकों के बावजूद वैश्विक अनिश्चितता और ऊंचे मूल्यांकन के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

यदि बैंकिंग क्षेत्र में बिकवाली थमती है और अन्य क्षेत्रों से मजबूत तिमाही नतीजे आते हैं, तो व्यापक बाजार की मजबूती आगे भी जारी रह सकती है।


अस्वीकरण: यह समाचार 20 जुलाई 2026 तक उपलब्ध सार्वजनिक बाजार आंकड़ों, कंपनियों द्वारा जारी वित्तीय परिणामों तथा आधिकारिक आर्थिक सूचनाओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल समाचार एवं सूचना प्रदान करना है। इसे किसी भी प्रकार की निवेश, वित्तीय या व्यापारिक सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।