Last Updated on July 17, 2026 9:21 pm by INDIAN AWAAZ
AMN /ढाका
बांग्लादेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी जमात-ए-इस्लामी ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि यदि प्रस्तावित ‘जुलाई चार्टर’ के आधार पर संवैधानिक सुधार लागू नहीं किए गए तो पार्टी देशव्यापी सड़क आंदोलन शुरू करेगी।
जमात-ए-इस्लामी के महासचिव मिया गोलाम परवार ने नरसिंदी शिशु अकादमी सभागार में आयोजित पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में भाग लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत में सरकार से संसद में प्रस्तावित संविधान सुधार परिषद का सत्र बुलाने और जुलाई चार्टर से जुड़े जनमत संग्रह के परिणामों के अनुरूप संवैधानिक सुधार लागू करने की मांग की।
उन्होंने कहा, “यदि सरकार राजनीतिक टकराव से बचना चाहती है तो उसे संसद में संविधान सुधार परिषद का सत्र बुलाना चाहिए, शपथ लेकर जनमत संग्रह के फैसले को स्वीकार करते हुए जुलाई चार्टर के अनुरूप संवैधानिक सुधार लागू करने चाहिए।”
परवार ने चेतावनी देते हुए कहा, “यदि ऐसा नहीं किया गया तो हमारे पास सड़क पर उतरने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।”
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की संभावित वापसी के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह कानूनी मामला है और अंतिम निर्णय सरकार को लेना है। उन्होंने कहा, “सरकार ने उनकी पार्टी की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया है और वही इस विषय पर फैसला करेगी।”
परवार ने आरोप लगाया कि जुलाई-अगस्त आंदोलन के दौरान व्यापक दमन के लिए अपदस्थ अवामी लीग सरकार जिम्मेदार थी और इस मामले में दोषियों के खिलाफ मुकदमा चलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अवामी लीग का राजनीतिक भविष्य किसी एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि देश की जनता तय करेगी।
उन्होंने भारत की भी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि भारत ने शेख हसीना को शरण दी है और वह नई दिल्ली से राजनीतिक गतिविधियां जारी रखे हुए हैं। परवार ने दावा किया कि भारत उन्हें वहां रहने की अनुमति देकर अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का उल्लंघन कर रहा है।
