हमारे बिजनेस संवाददाता

घरेलू शेयर बाजार बुधवार को शुरुआती मजबूत बढ़त का अधिकांश हिस्सा गंवाने के बावजूद मामूली तेजी के साथ बंद हुए। दिन के उत्तरार्ध में निवेशकों ने मुनाफावसूली की, क्योंकि अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया। हालांकि, अमेरिका में उम्मीद से कम मुद्रास्फीति के आंकड़ों के बाद बैंकिंग शेयरों में हुई खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया और प्रमुख सूचकांक अंततः हरे निशान में बंद होने में सफल रहे।

बीएसई सेंसेक्स 130.49 अंक यानी 0.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,185.43 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी-50 26.45 अंक यानी 0.11 प्रतिशत चढ़कर 24,078.50 पर बंद हुआ।

कारोबार के दौरान निफ्टी 24,220.35 के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया था, लेकिन बाद में मुनाफावसूली के चलते अधिकांश बढ़त गंवा बैठा।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले लगातार तीन कारोबारी सत्रों में निफ्टी 1.38 प्रतिशत और सेंसेक्स 1.45 प्रतिशत तक टूट चुके थे।

बैंकिंग शेयरों ने संभाला बाजार

बाजार को सबसे अधिक समर्थन वित्तीय एवं बैंकिंग शेयरों से मिला। अमेरिका में जून महीने की उपभोक्ता महंगाई अपेक्षा से कम रहने के बाद यह उम्मीद मजबूत हुई कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व निकट भविष्य में ब्याज दरों पर आक्रामक रुख नहीं अपनाएगा। इसका सकारात्मक असर भारतीय बैंकिंग शेयरों पर भी देखने को मिला।

निफ्टी को मजबूती देने वाले प्रमुख शेयर रहे—

  • इटरनल : +2.80%
  • एचडीएफसी बैंक : +0.69%
  • आईसीआईसीआई बैंक : +0.24%

विश्लेषकों का कहना है कि बेहतर ऋण वृद्धि, नियंत्रित एनपीए और मजबूत बैलेंस शीट के कारण बैंकिंग शेयरों में संस्थागत निवेशकों की रुचि बनी हुई है।

आईटी शेयरों पर दबाव

दूसरी ओर सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयरों में कमजोरी रही। अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनी आईबीएम द्वारा अपेक्षा से कमजोर कारोबारी मार्गदर्शन (गाइडेंस) जारी किए जाने के बाद वैश्विक आईटी क्षेत्र पर दबाव देखा गया, जिसका असर भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर भी पड़ा।

पश्चिम एशिया का तनाव बना चिंता का कारण

कारोबार के दूसरे हिस्से में निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया क्योंकि पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई।

ब्रेंट क्रूड का भाव 85.62 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जिससे ऊर्जा आयात पर निर्भर देशों, विशेषकर भारत, के लिए लागत बढ़ने की आशंका गहरा गई।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है तथा कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो भारतीय शेयर बाजार में निकट अवधि में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।

तकनीकी स्तर

तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार—

  • 24,200–24,250 का क्षेत्र निफ्टी के लिए तत्काल प्रतिरोध (Resistance) है।
  • 24,000 का स्तर महत्वपूर्ण समर्थन (Support) बना हुआ है।

इनमें से किसी भी स्तर के निर्णायक रूप से टूटने या पार होने पर बाजार की अगली दिशा तय हो सकती है।

व्यापक बाजार ने किया बेहतर प्रदर्शन

मुख्य सूचकांकों की तुलना में व्यापक बाजार में बेहतर खरीदारी देखने को मिली।

  • बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.55 प्रतिशत चढ़ा।
  • बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 0.69 प्रतिशत मजबूत हुआ।

यह दर्शाता है कि निवेशक अच्छे तिमाही परिणाम देने वाली कंपनियों में चुनिंदा खरीदारी कर रहे हैं।

बाजार की चौड़ाई सकारात्मक

बीएसई पर कुल—

  • 2,297 शेयरों में तेजी
  • 1,974 शेयरों में गिरावट
  • 178 शेयर अपरिवर्तित रहे।

सकारात्मक मार्केट ब्रेड्थ से संकेत मिलता है कि मुनाफावसूली के बावजूद व्यापक स्तर पर खरीदारी बनी रही।

अस्थिरता में कमी

बाजार की अस्थिरता का प्रमुख सूचक इंडिया वीआईएक्स (India VIX) 3.49 प्रतिशत घटकर 13.27 पर आ गया।

यह संकेत देता है कि फिलहाल निवेशकों में घबराहट सीमित है, हालांकि भू-राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से धारणा बदल सकते हैं।

मुद्रा, बॉन्ड और कमोडिटी बाजार

भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ।

रुपया 96.32 प्रति डॉलर के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि पिछले सत्र में यह 96.16 पर बंद हुआ था।

इस बीच—

  • भारत की 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड प्रतिफल (यील्ड) घटकर 6.773 प्रतिशत रही।
  • एमसीएक्स पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना 0.64 प्रतिशत गिरकर 1,41,301 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
  • अमेरिकी डॉलर सूचकांक (DXY) बढ़कर 100.99 पर पहुंच गया।
  • अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 4.604 प्रतिशत रही।

वैश्विक बाजारों का हाल

यूरोपीय शेयर बाजार कमजोरी के साथ कारोबार करते रहे। यूरोजोन का औद्योगिक उत्पादन मई में मासिक आधार पर 0.2 प्रतिशत घटा, जबकि सालाना आधार पर 1.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

एशियाई बाजार अधिकांशतः बढ़त के साथ बंद हुए। अमेरिका में महंगाई के नरम आंकड़ों से निवेशकों को राहत मिली, हालांकि पश्चिम एशिया के तनाव ने तेजी को सीमित रखा।

चीन की अर्थव्यवस्था अप्रैल-जून तिमाही में 4.3 प्रतिशत की दर से बढ़ी, जो बाजार के अनुमान 4.5 प्रतिशत से कम रही और 2022 के बाद सबसे धीमी वृद्धि रही। इससे चीन में अतिरिक्त प्रोत्साहन उपायों की संभावना बढ़ गई है।

वॉल स्ट्रीट में भी पिछले कारोबारी सत्र में तेजी रही। अमेरिका में जून महीने में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) 0.4 प्रतिशत घटा, जबकि वार्षिक मुद्रास्फीति घटकर 3.5 प्रतिशत रह गई। इससे फेडरल रिजर्व द्वारा निकट भविष्य में ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना कमजोर हुई है।

अब निवेशकों की नजर अमेरिका के उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) के आंकड़ों पर है।

तिमाही नतीजों से शेयरों में हलचल

पहली तिमाही के वित्तीय नतीजों ने कई शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव पैदा किया।

एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज (LTTS) के शेयर 6.50 प्रतिशत चढ़े। कंपनी का शुद्ध लाभ और राजस्व दोनों दोहरे अंकों की वृद्धि के साथ आए।

फेडबैंक फाइनेंशियल सर्विसेज 7.52 प्रतिशत उछला। कंपनी का तिमाही शुद्ध लाभ 52 प्रतिशत से अधिक बढ़ा।

ग्रो (बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स) के शेयर 6.46 प्रतिशत मजबूत हुए। कंपनी ने सालाना आधार पर लाभ में लगभग दोगुनी वृद्धि दर्ज की।

स्टील स्ट्रिप्स व्हील्स 5.81 प्रतिशत चढ़ा, जबकि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया भी बेहतर तिमाही नतीजों के बाद मजबूत बंद हुआ।

वहीं दूसरी ओर—

आदित्य बिड़ला मनी के शेयर 8.82 प्रतिशत टूट गए क्योंकि कंपनी का शुद्ध लाभ घट गया।

गोवा कार्बन 7.59 प्रतिशत लुढ़का। कंपनी को पहली तिमाही में घाटा दर्ज करना पड़ा।

टाटा एल्क्सी 4.44 प्रतिशत, डेन नेटवर्क्स 4.42 प्रतिशत और आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स 4.34 प्रतिशत गिर गए।

कुसुमगर की शानदार शेयर बाजार में एंट्री

कुसुमगर के शेयरों ने शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की।

कंपनी का शेयर 419 रुपये के निर्गम मूल्य के मुकाबले 574 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ, जो लगभग 37 प्रतिशत का प्रीमियम था।

कारोबार के अंत में शेयर 604.45 रुपये पर बंद हुआ, जो निर्गम मूल्य से 44.26 प्रतिशत अधिक है।

बीएसई पर पहले ही दिन कंपनी के 35.90 लाख से अधिक शेयरों का कारोबार हुआ।

आईपीओ बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के आईपीओ को जोरदार प्रतिक्रिया मिली। बुधवार शाम तक यह निर्गम 2.69 गुना सब्सक्राइब हो चुका था।

इसका प्राइस बैंड 545-574 रुपये प्रति शेयर रखा गया है और यह 16 जुलाई को बंद होगा।

वहीं अल्फाइन टेक्सवर्ल्ड का आईपीओ बुधवार तक 0.79 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसका मूल्य दायरा 100-105 रुपये प्रति शेयर है।

निफ्टी के प्रमुख बढ़त वाले शेयर

शेयरबढ़त
इटरनल+2.80%
एचडीएफसी बैंक+0.69%
आईसीआईसीआई बैंक+0.24%

प्रमुख गिरावट वाले शेयर

शेयरगिरावट
आदित्य बिड़ला मनी-8.82%
गोवा कार्बन-7.59%
टाटा एल्क्सी-4.44%
डेन नेटवर्क्स-4.42%
आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स-4.34%

आगे की राह

बाजार की आगे की दिशा काफी हद तक पश्चिम एशिया के घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों, पहली तिमाही के कॉरपोरेट नतीजों और अमेरिका से आने वाले महंगाई संबंधी आंकड़ों पर निर्भर करेगी। यदि भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है या कच्चा तेल ऊंचे स्तर पर बना रहता है तो भारतीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है। वहीं, यदि वैश्विक महंगाई में नरमी जारी रहती है और कॉरपोरेट नतीजे मजबूत आते हैं तो बाजार को दोबारा गति मिल सकती है।

अस्वीकरण: यह समाचार केवल सूचना एवं पत्रकारिता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसे किसी भी प्रकार की निवेश, वित्तीय या व्यापारिक सलाह नहीं माना जाना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।