हमारे संवाददाता से

नई दिल्ली, 15 मई: Communist Party of India ने शुक्रवार को एलपीजी, पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इससे करोड़ों आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और महंगाई और गहरा रही है।

पार्टी ने एक बयान में कहा कि ईंधन कीमतों में वृद्धि का असर केवल पेट्रोल पंप तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवहन, खाद्य पदार्थों, दवाइयों, कृषि और रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ता है। CPI ने आरोप लगाया कि गरीब और मध्यम वर्ग को महंगाई का बोझ उठाने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जबकि केंद्र सरकार कॉरपोरेट घरानों को संरक्षण देने में लगी हुई है।

पार्टी ने ईंधन मूल्य वृद्धि को प्रधानमंत्री Narendra Modi की विदेश नीति की “विफलता” से भी जोड़ा। CPI का आरोप है कि अमेरिका के दबाव में भारत ने रूस और ईरान से ऊर्जा आयात कम किया, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा कमजोर हुई और वैश्विक बाजार के उतार-चढ़ाव का असर बढ़ गया।

पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार “क्रोनी कैपिटलिज्म” को बढ़ावा दे रही है, जहां मुनाफा बड़े कॉरपोरेट समूहों को मिलता है जबकि महंगाई और ईंधन मूल्य वृद्धि का बोझ किसानों, मजदूरों और आम जनता पर डाला जा रहा है। CPI ने ईंधन कीमतों में तत्काल रोलबैक और आम लोगों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।