Last Updated on March 12, 2026 9:26 pm by INDIAN AWAAZ
AMN/ WEB DESK
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि देश में कच्चे तेल की स्थिति मजबूत है। उन्होंने कहा कि एलपीजी की घरेलू आपूर्ति पूरी तरह से सुरक्षित है और घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग से डिलीवरी तक के ढाई दिन के स्थापित समय में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता 33 करोड़ परिवारों, विशेष रूप से गरीब और वंचित वर्गों को निर्बाध एलपीजी आपूर्ति करना है। श्री पुरी ने आज लोकसभा में पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में आई बाधा के जवाब में सरकार के कदमों के बारे में यह जानकारी दी।
श्री पुरी ने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष शुरू होने में भारत की कोई भूमिका न होने के बावजूद, उसे इसके परिणामों से निपटना होगा। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को इतिहास में पहली बार वाणिज्यिक जहाजों के लिए बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल, केरोसिन और विमानन टरबाइन ईंधन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि रिफाइनरियां अपनी पुरी क्षमता से काम कर रही हैं और कई मामलों में तो वे 100 प्रतिशत से भी अधिक क्षमता से काम कर रही हैं।
श्री पुरी ने कहा कि भारत पहले अपनी एलपीजी आवश्यकताओं का लगभग 60 प्रतिशत कतर, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और कुवैत जैसे खाड़ी देशों से आयात करता था, जबकि 40 प्रतिशत का उत्पादन घरेलू स्तर पर होता था। उन्होंने कहा कि अब अन्य देशों से भी खरीद की जा रही है। जिसके तहत अमरीका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस से खेप प्राप्त की जा रही है। श्री पुरी ने कहा कि रिफाइनरी निर्देशों के माध्यम से एलपीजी उत्पादन में 28 प्रतिशत की वृद्धि की गई है और आगे की खरीद जारी है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता के आधार पर आवंटित किया गया है और स्थिति सामान्य है। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक आपूर्ति मार्गों के माध्यम से लगभग प्रतिदिन बड़ी मात्रा में एलएनजी खेप आ रही है और संघर्ष लंबे समय तक चलने पर भी भारत के पास स्थिति को बनाए रखने के लिए पर्याप्त गैस उत्पादन और आपूर्ति व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि कालाबाजारी को रोकने और आतिथ्य क्षेत्र को दंडित न करने के लिए वाणिज्यिक एलपीजी को विनियमित किया गया है। इससे पहले, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि एलपीजी को लेकर काफी दहशत फैली हुई है और रेस्त्राओं को चलाने में कठिनाई हो रही है। साथ ही रेहडी पटरी वाले भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर राष्ट्र की नींव उसकी ऊर्जा सुरक्षा है। उन्होंने सवाल उठाया कि भारत जैसे विशाल देश को कोई अन्य देश रूस से तेल खरीदने की अनुमति कैसे दे सकता है।
श्री पुरी के बयान देते समय विपक्षी दलों के सदस्यों ने सदन में हंगामा किया। नारेबाजी के बीच, अध्यक्ष ने सदन को शाम 5 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
