Last Updated on March 2, 2026 10:56 pm by INDIAN AWAAZ
ऑटो और ऑयल-गैस शेयरों में बिकवाली तेज, वोलैटिलिटी 25% उछली

AMN
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बीच सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट के बाद बाजार ने कुछ हद तक रिकवरी की, लेकिन अंत में प्रमुख सूचकांक लाल निशान में ही बंद हुए।
BSE Sensex 1,048.34 अंक यानी 1.29% गिरकर 80,238.85 पर बंद हुआ, जो सितंबर 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर है। वहीं Nifty 50 312.95 अंक यानी 1.24% टूटकर 24,865.70 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी 24,600 के करीब तक फिसल गया था।
बाजार में व्यापक बिकवाली देखने को मिली। बीएसई पर 3,641 शेयर गिरे जबकि केवल 754 शेयर बढ़त में रहे। 869 शेयर अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गए।
वोलैटिलिटी में तेज उछाल
बाजार की घबराहट को दर्शाने वाला India VIX 25% उछलकर 17.13 पर पहुंच गया। विश्लेषकों का कहना है कि ईरान से जुड़े तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में सप्लाई बाधित होने की आशंका से ब्रेंट क्रूड में 6–10% तक तेजी आई, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी।
सेक्टरवार प्रदर्शन
ऑटो सेक्टर सबसे कमजोर
Nifty Auto 2.20% गिरकर सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सूचकांक रहा।
- Maruti Suzuki India 3.29% टूटा
- InterGlobe Aviation 6.09% लुढ़का
बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं
Nifty Bank 1.14% गिरकर 59,839.65 पर बंद हुआ और 60,000 के अहम स्तर से नीचे बना रहा।
Nifty Financial Services में 1.10% की गिरावट दर्ज हुई।
इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपिटल गुड्स
- Larsen & Toubro 5.24% गिरा
पोर्ट्स और लॉजिस्टिक्स
- Adani Ports and Special Economic Zone 3.43% फिसला
मेटल सेक्टर बना अपवाद
Nifty Metal 0.24% की बढ़त के साथ अन्य सेक्टरों से बेहतर रहा।
- Hindalco Industries 1.70% चढ़ा
रक्षा और फार्मा में मजबूती
- Bharat Electronics Limited 2.13% उछला
- Sun Pharmaceutical Industries 0.93% बढ़ा
- Oil and Natural Gas Corporation 0.63% चढ़ा
- ITC Limited 0.35% की हल्की बढ़त में रहा
मिडकैप और स्मॉलकैप पर ज्यादा दबाव
Nifty Midcap 100 1.58% और Nifty Smallcap 100 1.75% गिर गए।
वहीं Nifty Next 50 1.52% नीचे बंद हुआ।
तकनीकी विश्लेषण
विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए 24,900–25,000 का स्तर प्रमुख रेजिस्टेंस है, जबकि 24,700–24,500 के बीच सपोर्ट दिख रहा है। 24,800 के नीचे टिके रहने पर और गिरावट संभव है।
बैंक निफ्टी 60,000 के नीचे रहने से कमजोर रुख बनाए हुए है।
आगे की रणनीति
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी। होली अवकाश और डेरिवेटिव पोजिशनिंग को देखते हुए निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।
यदि कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता आती है तो बाजार में तकनीकी उछाल संभव है, अन्यथा उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
