Last Updated on September 18, 2025 9:03 pm by INDIAN AWAAZ

अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की घोषणा और सकारात्मक वैश्विक संकेतों के कारण गुरुवार को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज की गई। यूएस फेड ने ब्याज दरों को 25 बेसिस पॉइंट घटाकर 4-4.25% कर दिया और इस साल आगे भी कटौती का संकेत दिया, जिससे बाजार में उत्साह बढ़ा।

सेंसेक्स 320.25 अंकों (0.39%) की तेजी के साथ 83,013.96 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 93.35 अंकों (0.37%) की बढ़त के साथ 25,423.60 पर रहा। बाजार में इस तेजी को मुख्य रूप से आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी से बल मिला।


सेक्टर-वार प्रदर्शन

अधिकांश सेक्टरों के सूचकांक हरे निशान में बंद हुए, जिससे बाजार में व्यापक खरीदारी का संकेत मिला।

  • आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी): आईटी सेक्टर सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला रहा, जिसमें निफ्टी आईटी इंडेक्स 303 अंक (0.83%) ऊपर चढ़ा। यह तेजी सीधे तौर पर यूएस फेड की दर कटौती के कारण आई, जिससे निर्यात-उन्मुख आईटी कंपनियों को फायदा हुआ। इंफोसिस और एचसीएल टेक इस सेक्टर में प्रमुख लाभ पाने वाले शेयरों में से थे।
  • बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं: निफ्टी बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज दोनों सूचकांकों में सकारात्मक हलचल देखी गई। निफ्टी बैंक 234 अंक (0.42%) बढ़ा और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 135 अंक (0.51%) ऊपर चढ़ा। एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक जैसे बड़े खिलाड़ियों ने इन लाभों में योगदान दिया।
  • एफएमसीजी (फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स): निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स 201 अंक (0.36%) आगे बढ़ा। आईटीसी और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसी कंपनियां हरे निशान में बंद हुईं।
  • ऑटो (ऑटोमोबाइल): निफ्टी ऑटो इंडेक्स में थोड़ी बढ़त दर्ज हुई, यह 34 अंक (0.13%) ऊपर रहा। हालांकि, टाटा मोटर्स जैसे कुछ शेयर लाल निशान में बंद हुए।
  • व्यापक बाजार: सकारात्मक भावना व्यापक बाजार तक भी फैली, जिसमें निफ्टी मिडकैप 100 224 अंक (0.38%) और निफ्टी स्मॉलकैप 100 53 अंक (0.29%) ऊपर रहे। यह दर्शाता है कि बाजार की मजबूती केवल बड़े शेयरों तक ही सीमित नहीं थी।

मुद्रा और बाजार का परिदृश्य

बाजार में तेजी के बावजूद, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर हुआ। रुपया 88.09 पर बंद हुआ, जो अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 0.26 अंक कमजोर है। विश्लेषकों का मानना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की सतर्क भावना और चल रही भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता रुपये की दिशा को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं। एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी ने कहा कि रुपये के लिए समर्थन 87.75 के पास है, जबकि प्रतिरोध 88.25 पर देखा जा रहा है।