Last Updated on August 30, 2025 1:05 am by INDIAN AWAAZ

AMN / BIZ DESK
शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार लाल निशान पर बंद हुए। रिलायंस इंडस्ट्रीज सहित दिग्गज शेयरों में बिकवाली और अमेरिकी टैरिफ को लेकर वैश्विक चिंता ने निवेशकों की धारणा कमजोर कर दी।
सेंसेक्स 270.92 अंक गिरकर (–0.34%) 79,809.65 पर बंद हुआ, जबकि दिन का निचला स्तर 79,741.76 तक गया। पिछले बंद स्तर 80,080.57 के मुकाबले 30-शेयर सूचकांक 80,010.83 पर खुला था। इसी तरह, निफ्टी 74.05 अंक (–0.30%) फिसलकर 24,426.85 पर बंद हुआ।
निवेशक धारणा
“बाजारों में सतर्कता हावी रही क्योंकि निवेशक अमेरिकी टैरिफ के असर को परख रहे थे। इससे भारतीय निर्यात की प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो सकती है। वहीं, मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में ऊँचे मूल्यांकन के कारण दबाव दिखा। हालांकि एफएमसीजी शेयरों में मजबूती बनी रही,” कहा विनोद नायर, हेड ऑफ रिसर्च, जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज ने।
सेक्टरवार प्रदर्शन
शेयर बाजार में सेक्टरवार मिला-जुला रुझान रहा:
- निफ्टी ऑटो: –0.88% (महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स में गिरावट)।
- निफ्टी आईटी: –0.87% (इंफोसिस और टेक महिंद्रा कमजोर)।
- निफ्टी बैंक: –0.31% (एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक लाल निशान पर)।
- निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज: –0.28% (क्रेडिट ग्रोथ पर सतर्क दृष्टिकोण)।
- निफ्टी एफएमसीजी: +0.95% (जीएसटी दरों में सुधार की उम्मीद और मजबूत उपभोक्ता मांग; आईटीसी व एचयूएल ने बढ़त दिलाई)।
- मेटल्स और इन्फ्रास्ट्रक्चर: एलएंडटी, टाटा स्टील और बीईएल में तेजी से थोड़ी राहत।
प्रमुख गिरावट और बढ़त
सेंसेक्स कंपनियों में रिलायंस, इंफोसिस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, एनटीपीसी, टेक महिंद्रा, टाइटन, एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक में गिरावट रही। वहीं, आईटीसी, बीईएल, एलएंडटी, टाटा स्टील, पावर ग्रिड, सन फार्मा और एचसीएल टेक की मजबूती ने नुकसान सीमित किया।
व्यापक बाजार पर दबाव
- निफ्टी मिडकैप 100: –0.57%
- निफ्टी स्मॉलकैप 100: –0.39%
- निफ्टी 100: –0.30%
विश्लेषकों ने कहा कि उच्च मूल्यांकन और मुनाफावसूली से व्यापक बाजार दबाव में रहा।
करेंसी मार्केट
शेयर बाजार के साथ-साथ रुपया भी रिकॉर्ड निचले स्तर 88.20 प्रति डॉलर पर पहुँच गया, जो 0.70% की गिरावट है।
“बढ़ता हुआ राजकोषीय घाटा रुपये पर और दबाव डाल सकता है। हालांकि जीएसटी काउंसिल की आगामी बैठक कुछ राहत दे सकती है, लेकिन टैक्स दरों पर स्पष्टता आने तक कारोबारी सतर्क रहेंगे। रुपया 87.65–88.45 के दायरे में रह सकता है,” कहा जतिन त्रिवेदी, वीपी रिसर्च, एलकेपी सिक्योरिटीज ने।
आगे का रुख
विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। अमेरिकी टैरिफ, जीएसटी फैसले और घरेलू आर्थिक संकेतक निवेशकों की रणनीति तय करेंगे। फिलहाल, एफएमसीजी और इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर मजबूती के केंद्र बने हुए हैं।
