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देश के 325 जिलों में कोई भी व्यक्ति कोविड-19 रोगी नहीं है। पिछले 14 दिन में 27 जिलों में किसी भी व्यक्ति में संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। एक हजार चार सौ नवासी रोगियों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी ने आज नई दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पिछले 24 घंटों में 941 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके साथ ही संक्रमित लोगों की संख्या 12 हजार 380 हो गई जबकि 414 लोगों की मृत्यु हुई है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कल स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और विश्व स्वास्थ्य संगठन के क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंस की। इस कांफ्रेंस में जिला स्तर पर कोविड-19 को फैलने से रोकने और कलस्टरों के लिए लघु योजना बनाने पर चर्चा की गई। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की राष्ट्रीय पोलियो निगरानी नेटवर्क टीम की सेवाओं का उपयोग करने के लिए देश की मौजदा निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए कार्य योजना तैयार की गई है।

स्वास्थ्य मंत्री ने औद्योगिक जगत के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की और उनकी समस्याएं दूर करने का आश्वसन दिया। स्वास्थ्य अधिकारियों ने लॉकडाउन के दौरान सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल की आदत अपनाने के लिए परामर्श जारी किया है। सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग को राहत शिविरों और समाज के वंचित वर्गों पर विशेष ध्यान देने के साथ जलापूर्ति बढ़ाने का परामर्श दिया गया है।

पुद्दुचेरी के माही जिले में पिछले 28 दिन से किसी भी व्यक्ति को संक्रमण नहीं हुआ।

गृह मंत्रालय की प्रतिनिधि ने बताया कि राज्यों ने लॉकडाउन के उपायों को लागू करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। आवश्यक वस्तुओं संबंधी स्थिति संतोषजनक है। गृह मंत्रालय की अधिकारी ने बताया कि विमान सेवा और कैब सेवाओं सहित सड़क परिवहन भी तीन मई तक बंद रहेगा।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के प्रतिनिधि ने बताया कि अब तक दो लाख नब्बे हजार से अधिक नमूनों की जांच की गई है। उन्होंने कहा कि देश में परिषद की 176 और निजी क्षेत्र की 78 प्रयोगशालाओं में कोविड-19 की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि रेपिड एंटिबॉडी टेस्ट संक्रमण का जल्दी पता लगाने के लिए नहीं है बल्कि यह निगरानी के लिए किया जाता है। परिषद के अधिकारी ने कहा कि देश में फिलहाल पांच लाख रेपिड टेस्ट किट उपलब्ध हैं।

इस अवसर पर एक सरकारी अधिकारी ने केंद्र सरकार के मंत्रालयों के विभिन्न उपायों का उल्लेख करते हुए कहा कि रेलवे ने कल तक भोजन के सोलह लाख पैकेट निःशुल्क वितरित किए।

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