Last Updated on August 19, 2025 1:37 pm by INDIAN AWAAZ

इंद्र वशिष्ठ
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा की गई 100 मामलों की तफ्तीश अदालत में सही साबित हुई हैं। अदालत द्वारा पिछले साढ़े पांच साल के दौरान 103 मामलों में निर्णय दिया गया है, जिनमें से 100 मामलों में मुजरिमों को सजा दी गई। तीन मामलों में आरोपियों को अदालत द्वारा बरी/दोष मुक्त किया गया। एनआईए ने इस अवधि में कुल 375 मामले दर्ज किए।
गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने राज्य सभा में तृणमूल कांग्रेस सांसद सागरिका घोष द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में यह जानकारी दी है।
एनआईए का लेखा जोखा
गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने राज्य सभा में एनआईए के मामलों का 2020 से 2025 (29-7-2025 तक) का वर्ष वार विवरण दिया।
फैसला- अदालत ने इस अवधि में कुल 103 मामलों (वर्ष वार क्रमशः 8,16, 32, 18, 17, 12) में फैसला सुनाया।
सज़ा– कुल 100 मामलों (वर्ष वार क्रमशः 8, 16, 31,17,17,11) में सज़ा सुनाई गई।
बरी– अदालत ने 3 मामलों (वर्ष वार क्रमशः 0,0,1,1,0,1) में आरोपियों को बरी/दोष मुक्त किया ।
सज़ा दर– एनआईए द्वारा तफ्तीश किए गए मामलों में सजा दर कुल 97.08 फीसदी (वर्ष वार क्रमशः 100,100, 96.88, 94.44, 100, 91.67 फीसदी ) है।
चार्ज शीट- इस दौरान कुल 301मामलों ( वर्ष वार क्रमशः 56,49,51,56,62,27) में अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
एफआईआर- एनआईए ने 2020 से 2025 (29-7-2025 तक) कुल 375 मामले (वर्ष वार क्रमशः 59,61,73,68,80,34) दर्ज किए।
