Last Updated on January 20, 2026 11:12 pm by INDIAN AWAAZ

AMN/ WEB DESK

सरकार ने जूट मिलों के लिए कच्चे जूट की भण्‍डारण सीमा बढ़ाने का फैसला किया है, जबकि व्यापारियों और गांठ बनाने वालों के लिए अनुमत भण्‍डारण सीमा कम कर दी है। इन उपायों का उद्देश्य मिलों तथा लघु और मध्यम उद्यमों के लिए कच्चे जूट की उपलब्धता में सुधार करना और जूट श्रमिकों और किसानों के हितों की रक्षा करना है। 

केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने आज नई दिल्ली में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और जूट आयुक्त कार्यालय के साथ कच्चे जूट की ऊंची कीमतों के मुद्दे की समीक्षा की। बैठक के दौरान श्री सिंह ने सुचारू औद्योगिक संचालन सुनिश्चित करने के लिए जूट मिलों तथा लघु और मध्यम उद्यमों के लिए कच्चे जूट की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। 

श्री सिंह ने जूट आयुक्त को अनुमति भण्‍डारण सीमा से अधिक जमाखोरी का पता लगाने और उसके खिलाफ कार्रवाई करने के अभियान को और तेज करने का निर्देश दिया। उन्‍होंने बताया कि सरकार ने उद्योग को कच्चे जूट की ऊंची कीमतों का प्रबंधन करने में मदद करने के लिए पिछले साल सितंबर में जूट बैग की खरीद कीमत 74 रुपये से बढ़ाकर 87 रुपये से अधिक कर दी है। ये उपाय जूट किसानों और श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।